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'ग़ैर निर्वाचित सरकारों से समस्या नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि भारत को उन देशों के साथ मिलकर काम करने में कोई समस्या नहीं है जहाँ निर्वाचित सरकारों का तख़्तापलट कर जबरन सत्ता से बेदखल कर दिया गया हो. उन्होंने बैंकॉक से दक्षिण कोरिया रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है लेकिन उसे उन देशों के साथ कोई समस्या नहीं है जहाँ ग़ैर निर्वाचित सरकारें सत्ता में हैं. उनका कहना था कि किसी भी देश में जिस समय जैसी सरकार होगी उनके साथ मिलकर ही काम करना है और यह तय करना उस देश की जनता का अधिकार है कि वहाँ कैसी सरकार हो. विदेश मंत्री ने कहा कि थाईलैंड में लोकतंत्र की बहाली की दिशा में प्रगति पर भारत नज़र रखे हुए है. उन्होंने कहा कि हम चाहते है कि चुनावों के बाद नई सरकार के सहयोग से थाईलैंड तरक्की के मार्ग पर आगे बढ़े. उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी तरह की सरकार के साथ संपर्क रखने से कोई परहेज नहीं है और अन्य देशों के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप करने में वो विश्वास नहीं करते. विदेश मंत्री ने ईरान का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत उसके मामले में किसी तरह की दखलंदाज़ी नहीं करना चाहता है. प्रणव मुखर्जी ने कहा कि भारत किसी भी देश में सशस्त्र हस्तक्षेप के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि कि भारत अपने पड़ोस में कोई तनाव नहीं चाहता है. वो अब तीन दिवसीय यात्रा पर दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल पहुँच गए हैं. इस दौरे में विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री से बात करेंगे लेकिन बताया जा रहा है कि उनकी विस्तार से बातचीत विदेश मंत्री सोंग मिन सून से होगी. परमाणु मुद्दे के अलावा दोनों मंत्रियों में अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर भी बातचीत होगी जिनमें आर्थिक रिश्तों को मज़बूत करने पर भी चर्चा होगी. भारत को परमाणु इंधन प्राप्त करने के लिए न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप के सदस्यों के बीच भारत के प्रति विश्वास बढ़ाना होगा और विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी की दक्षिण कोरिया यात्रा इसी प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है. दूसरी ओर दक्षिण कोरिया को चिंता है कि जिस तरह अमरीका ने भारत को एक अपवाद मानते हुए परमाणु समझौते का आगे बढ़ाया है इसी तरह की माँग उत्तर कोरिया भी कर सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'भारत-ईरान गैस लाइन पर मतभेद दूर'29 जून, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर की वापसी 18 अक्तूबर को14 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नवाज़ का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा11 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'जब ख़ुमैनी बनने का ख़्वाब पुलिस के इरादों से टकराया...'11 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस लौट के नवाज़ सऊदी अरब आए10 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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