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दो सैनिकों को नंगा घुमाया गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर में नाराज़ लोगों ने दो सैनिकों के सिर मूंड़ दिए और उनके कपड़े उतारकर और मुँह काला करके सड़कों पर घुमाया है. इन सैनिकों पर आरोप है कि उन्होंने एक नाबालिग लड़की से बलात्कार करने की कोशिश की. पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन दोनों सैनिकों को गिरफ़्तार कर लिया है और उनके ख़िलाफ़ बलात्कार के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है. हालांकि सेना का कहना है कि सैनिकों के ख़िलाफ़ ग़लत आरोप लगाए जा रहे हैं. जम्मू कश्मीर में शायद यह अपने क़िस्म की पहली घटना है. नाराज़ भीड़ ख़बरों के अनुसार ये दोनों सैनिक सादे कपड़े पहने हुए थे और मंगलवार की शाम बांदीपुरा के कुनान गाँव के एक घर में ज़बरदस्ती घुस गए थे. इन सैनिकों ने घरवालों को यह कहकर धमकाया कि वे चरमपंथी हैं और फिर उन्होंने अपने लिए खाना माँगा और ठहरने की व्यवस्था करने को कहा. ज़िला पुलिस अधीक्षक विप्लव कुमार ने बीबीसी को बताया कि लोगों का कहना है कि इसके बाद इन सैनिकों ने एक नाबालिग लड़की से बलात्कार करने की कोशिश की. लेकिन लड़की ने मदद के लिए चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया और अड़ोस-पड़ोस के लोग वहाँ इकट्ठे हो गए. नाराज़ लोगों ने इन सैनिकों को पकड़कर उनकी पिटाई की. फिर उनके सिर मूड़ दिए गए, उनके मुँह पर कालिख़ मल दी और उनके कपड़े उतारकर सड़क पर घुमाया गया. इन सैनिकों के पीछे हज़ारों लोग सेना के ख़िलाफ़ नारे लगाते हुए चल रहे थे. इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, अश्रुगैस छोड़ी और हवा में गोलियाँ चलाईं. इसके बाद पुलिस ने इन दोनों सैनिकों को गिरफ़्तार कर लिया. हालांकि सेना के प्रवक्ता कर्नल मनजिंदर सिंह ने कहा है कि ये दोनों सैनिक गाँव में ख़ुफ़िया सूचनाएँ एकत्रित करने गए हुए थे. उनका कहना है कि कुछ कट्टरपंथियों ने उनके ख़िलाफ़ ग़लत आरोप लगाकर लोगों को भड़का दिया. | इससे जुड़ी ख़बरें बारूदी सुरंग फटने से कुछ सैनिक घायल01 जून, 2007 | भारत और पड़ोस कश्मीर में सेना की 'सदभावना' पर सवाल29 मई, 2007 | भारत और पड़ोस कश्मीर में सैन्य कटौती के लिए समितियाँ31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस कश्मीर से सेना वापसी पर विवाद28 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'फ़र्जी मुठभेड़' मामले में आरोप पत्र28 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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