BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 31 मई, 2007 को 03:08 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
धारावी को धराशायी करने की तैयारी
धारावी
सरकर का कहना है कि धारावी निवासियों के लिए नए फ्लैट बनेंगे
मुंबई स्थित एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी को धराशायी करने के लिए दुनिया भर की कंपनियों से टेंडर मँगवाए गए हैं जिसका विरोध हो रहा है.

महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को विज्ञापन जारी कर भारतीय और विदेशी बिल्डरों को धारावी को ख़ूबसूरत टाउनशिप में तब्दील करने के लिए आमंत्रित किया है.

टीन, एस्बेस्टस और कबाड़ से बने घरों को तोड़कर बहुमंजिले फ़्लैट और दफ़्तर बनाए जाएँगे.

सरकार की योजना धारावी में रहने वाले पाँच लाख से अधिक लोगों को नए घरों में स्थानांतरित करने की है लेकिन वहाँ के लोग अपना आशियाना उजाड़े जाने की योजना से आशंकित हैं.

धारावी में रहने वाले लोगों का कहना है कि अधिकारियों ने प्रस्तावित योजना से प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या का सही आकलन नहीं किया है.

स्वयंसेवी संगठनों के मुताबिक़ अगर उनके घर उजाड़ दिए गए तो हज़ारों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो जाएगा.

उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार पूरी योजना के बारे में उनसे सलाह-मशविरा नहीं करती है तो वे बस्ती से सटी रेलवे लाइन और हवाई अड्डे के रनवे को जाम कर देंगे.

योजना

सरकारी विज्ञापन के मुताबिक पूरी योजना पर 93 अरब रूपए खर्च होंगे और इसे सात वर्षों के भीतर पूरा किया जाएगा.

ये रक़म डेवलपर को ही देनी होगी जिसे रिहायशी और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त ज़मीन दी जाएगी.

सरकारी आँकड़ों के मुताबिक़ धारावी में रहने वाले 57 हज़ार परिवारों को नए बने फ़्लैटों में स्थानांतरित किया जाएगा लेकिन कई संगठनों का कहना है कि वहाँ रहने वाले परिवारों की संख्या इससे कहीं अधिक है.

विज्ञापन के मुताबिक़ नई परियोजना के तहत धारावी में स्कूल, पार्क और अस्पताल भी बनाए जाएंगे.

इससे जुड़ी ख़बरें
झोपड़ पट्टी में लगी आग, पाँच की मौत
04 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>