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डेरा-सिख विवाद सुलझाने के प्रयास तेज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हरियाणा स्थित आध्यात्मिक संगठन डेरा सच्चा सौदा और सिख समुदाय के बीच उठे विवाद के दौरान डेरा प्रमुख से सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने सीधी बातचीत कर विवाद सुलझाने के प्रयास शुरु किए हैं. ये विवाद तब शुरु हुआ था जब एक विज्ञापन में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दसवें सिख गुरु गोबिंद सिंह जैसी वेशभूषा पहने दिखाया गया था. सिखों ने इसके ख़िलाफ़ रोष प्रदर्शन किए थे और सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख़्त के आहवान पर मंगलवार को पंजाब बंद रहा था. स्वामी अग्निवेश ने बीबीसी हिंदी को बताया कि महत्वपूर्ण ये है कि सिखों की संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ से बीतचीत के बाद इस प्रकरण में पहली बार डेरा प्रमुख से भी सीधी बातचीत हुई है. उनका कहना है कि डेरा प्रमुख शांति कायम करने के लिए आगे आए हैं और सिख संस्थाएँ भी इस मामले पर लचीला रुख अपना सकती हैं. 'लचीला रुख़' उनका कहना था कि एसजीपीसी अध्यक्ष मक्कड़ ने स्पष्ट किया कि वे सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख़्त के उस 'हुक्मनामे' से बंधे हुए हैं जिसमें 27 मई तक सरकार से पंजाब में सभी डेरे बंद कराने के लिए कहा गया है. लेकिन स्वामी अग्निवेश ने कहा कि मक्कड ने उन्हें आश्वासन दिया कि 'यदि डेरा प्रमुख दो कदम आगे बढ़ें और स्पष्ट माफ़ी माँगें तो इस बारे में आगे सोचा जा सकता है.' उनका कहना था कि ऐसी परिस्थितियों में सिख संस्थाएँ लचीला रुख़ अपना सकती हैं. स्वामी अग्निवेश, फ़ादर फ़िलिप और मौलाना जावेद अहमद इलियासी की टीम मंगलवार देर रात हरियाणा के सिरसा में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह से मिले और बैठक काफ़ी लंबी चली. उन्होंने बीबीसी हिंदी को बताया कि डेरा प्रमुख बहुत उदारवादी रवैया अपना कर पूरी तरह शांति कायम करने के लिए ज़रूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं. उनका कहना था कि इन प्रयासों के बाद काफ़ी हद तक दोनो पक्षों में सहमति बनाने का वातावरण तैयार हुआ है. 'सहमति संभव' स्वामी अग्निवेश का कहना था कि 'डेरा प्रमुख ने मुख्य कार्यकर्ताओं को हिदायत दी है कि वे ज़रूरी कदम उठाने के बारे में कार्यसूची और सहमति का अंतिम मसौदा तैयार करें, जो आज होने की संभावना है.' हालाँकि डेरा प्रमुख ने इस पूरे मामले पर अफ़सोस ज़ाहिर किया था लेकिन सिखों की संस्था अकाल तख़्त ने इसे ख़ारिज कर दिया था. अब ये तय किया जा रहा है कि यदि डेरा प्रमुख स्पष्ट माफ़ी माँगे तो किन-किन बातों का ज़िक्र किया जाए. स्वामी अग्निवेश ने संतुष्टि जताई के मंगलवार के बंद के दौरान एसजीपीसी प्रमुख ने शांति कायम रखने का जिस तरह का आश्वासन दिया था, वैसा ही हुआ है और आगे भी सिख संस्थाएँ शांति के हित में कदम उठाएँगी. |
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