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सिद्धू की सज़ा रूकी, चुनाव लड़ सकते हैं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर और भाजपा के नेता नवजोत सिंह सिद्धू को राहत देते हुए उनकी सज़ा पर रोक लगा दी है. इस फ़ैसले के बाद उनके चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया है. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जीपी माथुर और न्यायमूर्ति आरवी रवींद्रन की खंडपीठ ने मंगलवार को यह फ़ैसला सुनाया. खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका का निपटारा होने तक सज़ा पर अमल नहीं होगा. उन्होंने एक और याचिका दायर करके सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था कि अमृतसर से दोबारा चुनाव लड़ने तक उनकी सज़ा को स्थगित रखा जाए. ग़ैरइरादतन हत्या के लगभग 18 साल पुराने मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें तीन साल की सज़ा सुनाई थी. नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद थे और हाईकोर्ट के फ़ैसले के बाद उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया था. इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने एक समाचार एजेंसी से कहा है कि सिद्धू ही अमृतसर से पार्टी के उम्मीदवार होंगे. चंडीगढ़ से बीबीसी संवाददाता असित जौली ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद अमृतसर स्थित भाजपा कार्यालय में भारी संख्या में सिद्धू समर्थक जमा हुए और उनके बीच मिठाईयाँ बाँटी गई. स्थानीय भाजपा अध्यक्ष सोमदत्त ने फ़ैसले पर कहा कि सिद्धू ने अपने जीवन का सबसे बड़ा मैच जीत लिया है. मामला ग़ैरइरादतन हत्या का ये मामला 1988 का है. सिद्धू पर आरोप था कि उन्होंने गुरनाम सिंह नाम के एक व्यक्ति की पिटाई की जिसके बाद उसकी मौत हो गई. निचली अदालत ने सिद्धू को इस मामले में पहले बरी कर दिया था लेकिन 1999 में हाईकोर्ट में इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की गई. इसके बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सिद्धू को इस मामले में दोषी ठहराया था. | इससे जुड़ी ख़बरें सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिली12 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस सिद्धू का आत्मसमर्पण, जेल भेजे गए11 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस सिद्धू हाई कोर्ट में आत्मसमर्पण करेंगे10 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस सिद्धू को तीन साल की क़ैद, गिरफ़्तारी अभी नहीं06 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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