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चीन-पाक में 'अभूतपूर्व' समझौते संभव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में तीन दिन की यात्रा के दौरान व्यापार और सामरिक विषयों पर बातचीत के बाद चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ पाकिस्तानी नेताओं के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जा रहे हैं. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक इस यात्रा के दौरान चीन और पाकिस्तान के बीच 'अभूतपूर्व समझौते होने की उम्मीद है.' लेकिन इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है. पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस यात्रा के दौरान चीन की ओर से पाकिस्तानी परमाणु ऊर्जा उद्योग के साथ सहयोग में बड़े पैमाने पर विस्तार होने की संभावना है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि हाल में भारत और अमरीका के बीच परमाणु सहयोग समझौते की तरह ही पाकिस्तान और चीन के बीच परमाणु सहयोग समझौता हो सकता है. ग़ोरतलब है कि पाकिस्तान ने भारत-अमरीका परमाणु समझौते को पाकिस्तान के लिए भेदभावपूर्ण बताया था क्योंकि पाकिस्तान का मानना है कि अमरीका का क़रीबी सहयोगी होने के कारण उसे भी अमरीका से ऐसा लेकिन अमरीका राजनीतिक हलकों में इस तरफ़ कोई ज़्यादा ध्यान नहीं दिया गया और बार-बार ऐसा कहा गया है कि भारत का परमाणु अप्रसार के विषय में रिकॉर्ड बहुत अच्छा है. भारत में अपने दौरे के अख़िरी दिन चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ मुंबई में भारतीय उद्योग जगत के नेताओं से मिले और अगरा में ताज महल देखने भी गए. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत और चीन का संयुक्त अभ्यास14 नवंबर, 2003 | भारत और पड़ोस भारत-अमरीका का संयुक्त नौसैनिक अभ्यास05 अक्तूबर, 2003 को | पहला पन्ना भारत-रूस नौसैनिक अभ्यास | भारत और पड़ोस भारत-अमरीकी युद्धाभ्यास | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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