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भूकंप आने की अफ़वाह से दहशत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
असम में शुक्रवार को भारी भूकंप आने की अफ़वाह से लोगों में दहशत फैल गई है. स्थानीय मीडिया पिछले कुछ दिनों से इस तरह की ख़बरें दे रहा है. इस तरह की ख़बरें आने के बाद से ही असम के डिब्रूगढ़ और उत्तरी लखीमपुर ज़िले से शहरी आबादी का बड़े पैमाने पर पलायन शुरु हो गया है. स्थानीय मीडिया ने कुछ भूगर्भशास्त्रियों के हवाले से ख़बर दी है कि शुक्रवार को सूर्य, चँद्रमा और मँगल एक सीध में आ जाएँगे जो बिरले होता है. भूर्गर्भशास्त्रियों ने कहा कि वर्ष 1950 में भी ऐसी स्थिति बनी थी और तब भयानक भूकंप आया था जिसमें हज़ारों लोग मारे गए थे. हालाँकि भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण संस्थान ने लोगों में व्याप्त भय दूर करने की कोशिश की है. संस्थान का कहना है कि ग्रहों की इस तरह की स्थिति पर और अध्ययन करने की ज़रुरत है. इसलिए तुरंत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँचना चाहिए. दूसरी ओर राज्य के अधिकारियों का कहना है कि वे कोई ख़तरा मोल नहीं लेना चाहते. इसलिए चेतावनी के मद्देनज़र स्थानीय प्रशासन को चौकस रहने के लिए कहा गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें बनने जा रहा है एक नया महासागर!19 जुलाई, 2006 | विज्ञान इंडोनेशिया में सूनामी, 300 से ज़्यादा मरे18 जुलाई, 2006 | पहला पन्ना टोंगा में भूकंप का तगड़ा झटका03 मई, 2006 | पहला पन्ना गुजरात में भूकंप के हल्के झटके06 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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