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'ज़हरीले पदार्थों' से लदा जहाज़ अलंग पहुँचा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एस्बेस्टस जैसे ज़हरीले पदार्थ से लदा विवादास्पद जहाज 'ब्लू लेडी' गुजरात के अलंग शिपयार्ड में पहुँच गया है. यहाँ इसे नष्ट किया जाएगा. अलंग के बंदरगाह अधिकारी अनिल राठौर ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि एक समय 'एसएस फ्रांस' के नाम से चर्चित इस जहाज को एक माह के भीतर तोड़ दिया जाएगा. ग़ौरतलब है कि भारतीय सुप्रीम कोर्ट के विशेषज्ञों ने इसे अलंग जाने की अनुमति दे दी थी. पर्यावरणविद इसके भारतीय जलसीमा में लाने का विरोध कर रहे थे. इनका कहना है कि इस जहाज पर एस्बेस्टस और अन्य ज़हरीले पदार्थ हैं जिससे पर्यावरण और इसे नष्ट करने वाले मजदूरों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ेगा. 11 मंजिला और 315 मीटर लंबे इस जहाज ने इसी वर्ष जुलाई में भारतीय जलसीमा में प्रवेश किया था. वर्ष 1970 में फ्रांसीसी सेवा से हटने के बाद इसका नाम बदल कर 'एसएस नॉर्वे' कर दिया गया. अनिल राठौर ने कहा, "ब्लूलेडी सभी ज़रुरी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद मंगलवार को अलंग शिपयार्ड में पहुँच गया है." ख़तरा पर्यावरणविदों का कहना है कि इस जहाज पर 1200 टन एस्बेस्टस लदा हुआ है जिससे कैंसर जैसी बीमारी हो सकती है. इनके मुताबिक अलंग में काम करने वाले मजदूरों के पास सुरक्षित तरीके से इस जहाज को नष्ट करने के उपकरण नहीं हैं. पर्यावरण संगठन ग्रीनपीस ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के विशेषज्ञों ने दबाव में आकर ब्लू लेडी को अलंग जाने की अनुमति दी है. कई जहाजप्रेमियों और पर्यावरण संगठनों ने ब्लू लेडी को नष्ट करने बजाए इसे तैरते हुए होटल के रुप में विकसित करने की सलाह दी थी. इससे पहले फ्रांसीसी युद्धपोत क्लेमांसु को भारत लाने को लेकर काफ़ी विरोध-प्रदर्शन हुए थे जिसके बाद फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ज्याक़ शिराक ने इस नौसैनिक पोत को स्वदेश लौटने का आदेश दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'क्लेमांसु' के बाद अब 'ब्लू लेडी' से ख़तरा09 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'ब्लू लेडी' को भारत आने की अनुमति 05 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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