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आमिर ख़ान को वन विभाग का नोटिस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात में वन विभाग के अधिकारियों ने बॉलीवुड स्टार आमिर ख़ान और उनके फ़िल्म यूनिट को क़ानूनी नोटिस जारी किया है. ये नोटिस उन्हें कच्छ इलाक़े में लगान फिल्म की शूटिंग के दौरान कथित तौर पर ग़ैरक़ानूनी तरीके से चिंकारा को 'फ़िल्म' करने के लिए जारी किया गया है. गौरतलब है कि ये फ़िल्म वर्ष 2001 में बनी थी और ऑस्कर पुरस्कारों की सर्वश्रेष्ठ विदेशी फ़िल्म की श्रेणी में नामांकित हुई थी. विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि ये कार्रवाई भारतीय वन्यजीव संरक्षण क़ानून के तहत शुरु की गई है. आरोप है कि फ़िल्म यूनिट ने चिंकारा की शूटिंग करने से पहले वन विभाग से इजाज़त नहीं ली. चिंकारा एक विलुप्तप्राय प्रजाती है यानि उसके विलुप्त होने का ख़तरा है. आमिर को इस नोटिस का जवाब देने के लिए एक हफ़्ते का समय दिया गया है. उल्लेखनीय है कि आमिर खान और गुजरात सरकार के संबंध पिछले कुछ वर्षों में खट्टे मीठे रहे हैं. आमिर खान ने नर्मदा नदी पर बन रहे सरदार सरोवर बांध के विस्थापितों को पर्याप्त मुआवज़ा दिए जाने की मांग की थी जिस पर गुजरात में उनके पुतले जलाए गए थे. इस घटना के बाद जब आमिर खान अभिनीत फ़िल्म फ़ना रिलीज़ हुई तो इसे गुजरात के सिनेमाघरों में नहीं दिखाया गया था. यहां तक कि जब एक सिनेमाघर में इसे दिखाया गया तो एक व्यक्ति ने विरोधस्वरुप आत्मदाह करने की कोशिश भी की थी. |
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