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जेसिका मामले में समयसीमा तय | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा है कि वो दो महीने के अंदर इस बात की जाँच पूरी करे कि जेसिका लाल हत्याकांड मामले की छानबीन में किसी तरह की चूक हुई थी या नहीं. इस बारे में जेसिका लाल की बहन सबरिना लाल ने कहा, मैं उम्मीद करती हूँ कि ये मामला लंबा नहीं चलेगा. ये मामला जितना लंबा चलेगा उतना ही ये कमज़ोर पड़ जाएगा. इस साल फ़रवरी में एक निचली अदालत ने अपर्याप्त सुबूत के अभाव में नौ लोगों को जेसिका लाल हत्याकांड मामले में बरी कर दिया था. लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ याचिका दायर की थी. अभियोजन पक्ष का कहना है कि जेसिक लाल की हत्या मनु शर्मा ने वर्ष 1999 में दिल्ली के एक रेस्तरां में की थी जब जेसिका ने मनु को शराब देने से मना कर दिया था. मुन शर्मा कांग्रेस पार्टी के एक नेता का बेटा है. लेकिन इस मामले में कई गवाह अपने बयानों से मुकर चुके हैं. इसके बाद एक निचली अदालत ने मनु शर्मा समेत नौ लोगों को इस मामले में बरी कर दिया था. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस फ़ैसले के बाद सार्वजनिक स्तर पर लोगों में काफ़ी आक्रोश देखा गया और इस मामले को दोबारा खोला गया. इसके बाद सभी आरोपियों को फिर गिरफ़्तार किया गया लेकिन इस समय सभी ज़मानत पर जेल से बाहर हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मनु शर्मा, सात अन्य को ज़मानत मिली18 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस पीड़ित का परिवार भी अपील कर सके: खरे09 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस सभी नौ अभियुक्तों के ख़िलाफ़ वारंट22 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस जेसिका लाल हत्याकांड के अभियुक्त बरी21 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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