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लगातार 85 घंटे तक पढ़ाने का रिकॉर्ड | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर में एक शिक्षक नागेश बंछोर ने लगातार 85 घंटे पढ़ाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड क़ायम किया है. दुनिया में सबसे लंबी कक्षा लेने का रिकॉर्ड अब तक आंध्र प्रदेश के नारायणन शिवशंकर का है, जिन्होंने 72.9 घंटे तक छात्रों को पढ़ाया था. नागेश बंछोर ने न केवल नारायणन का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि अतिरिक्त 13 घंटे तक पढ़ाकर नया विश्व रिकॉर्ड भी बनाया है. गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने के उद्देश्य से एमबीए के विद्यार्थियों की कक्षाएँ लेने वाले नागेश बंछोर ने 24 मई की सुबह आठ बजे से छात्रों को पढ़ाना शुरु किया. गिनीज़ के नियमों के अनुसार लगातार छह घंटे पढ़ाने के बाद उन्हें पाँच मिनट का अवकाश लेने की अनुमति थी. इसके बाद नए छात्रों को उन्हें पढ़ाना था. आसान नहीं नागेश ने इसके लिए अभ्यास भी किया था लेकिन कक्षा के दौरान कई बार लगा कि यह रिकॉर्ड बनाना आसान नहीं है. नागेश कहते हैं, "लगभग 60 घंटे पूरे होने को जब आए तो लगा कि शरीर में ताक़त ही नहीं बची है. फिर मैंने व्हाइट बोर्ड पर लिखा- कोई दर्द मनुष्य के दर्द से बड़ा नहीं." नागेश के अनुसार इस वाक्य ने उन्हें ऐसी ताक़त दी कि लगातार आ रहे नींद के झोंके और कमर के दर्द पर उन्होंने लगभग क़ाबू पा लिया. शनिवार को रात 8 बजे जब उनकी कक्षा समाप्त हुई, तब तक 85 घंटे बीत चुके थे. नागेश की कक्षा में शामिल एक छात्रा ने कहा, "इस क्लास ने साबित कर दिया है कि पढ़ाई करते रहने की कोई समय सीमा नहीं हो सकती." नागेश एक शिक्षण संस्थान के निदेशक हैं. उनकी इस रिकॉर्ड तोड़ कक्षा के लिए दो अधिवक्ता लगातार बतौर गवाह उपस्थित थे और नागेश के स्वास्थ्य पर नज़र रखने के लिए चिकित्सक उनका परिक्षण भी कर रहे थे. | इससे जुड़ी ख़बरें व्याकरण व्याख्यान 73 घंटे बिन व्यवधान 24 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस विश्व रिकॉर्ड के लिए तीस घंटे गाते रहे08 फ़रवरी, 2005 | मनोरंजन रिकॉर्डों का रिकॉर्ड बनाया है चीन ने20 दिसंबर, 2003 | मनोरंजन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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