BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 16 अप्रैल, 2006 को 21:51 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'बाँध का निर्माण रोकने का निर्णय नहीं'
नरेंद्र मोदी
नरेंद्र मोदी केंद्र के रवैये का विरोध करते हुए अनशन कर रहे हैं
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुजरात के सांसदों से कहा है कि नर्मदा पर बन रहे बाँध का निर्माण कार्य रोकने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

उधर बाँध को लेकर केंद्र सरकार के कथित रवैये का विरोध करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद में 51 घंटों के अनशन पर बैठ गए हैं.

नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर और कई कार्यकर्ता एक पखवाड़े से भी अधिक समय से भूख हड़ताल पर हैं.

इस बीच सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी है.

जैसा कि केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं वो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने वाली है.

उल्लेखनीय है कि नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता पुनर्वास पूरा किए बिना बाँध की ऊँचाई न बढ़ाने देने की माँग कर रहे हैं. उनका कहना है कि अभी 35 हज़ार परिवारों का पुनर्वास होना बचा है.

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले बाँध की ऊँचाई बढ़ाने की अनुमति इस शर्त के साथ दी थी कि संबंधित सरकारें पुनर्वास की पूरी व्यवस्था करेंगी.

सांसदों का अनुरोध

प्रधानमंत्री ने साफ़ कहा है कि बाँध का निर्माण रोके जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के ख़िलाफ़ जाने का कोई सवाल ही नहीं है.

मनमोहन सिंह
केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि वो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने के हक़ में है

गुजरात के कांग्रेस और भाजपा के 26 सांसद रविवार को नर्मदा बाँध का निर्माण कार्य न रोके जाने का अनुरोध करने प्रधानमंत्री से मिलने पहुँचे थे.

सांसदों का कहना था कि नर्मदा गुजरात की जीवन रेखा है और बाँध की ऊँचाई बढ़ाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था इसलिए इसे पलटा नहीं जा सकता.

प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय बारू के अनुसार मनमोहन सिंह को नर्मदा कंट्रोल अथॉरिटी की समीक्षा समिति की रिपोर्ट मिल गई है.

ये रिपोर्ट केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री सैफ़ुद्दीन सोज़ ने चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक के बाद तैयार की थी और इसमें अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री पर ही छोड़ दिया गया था.

मोदी का अनशन

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार से साबरमती के किनारे 51 घंटे के अनशन पर हैं.

वे इस दौरान सिर्फ़ पानी पिएँगे.

शनिवार को समीक्षा समिति की बैठक में केंद्र सरकार का रुख़ देखने के बाद उन्होंने केंद्र सरकार पर नर्मदा बचाओ आंदोलन के दबाव में आने का आरोप लगाते हुए अनशन की घोषणा की थी.

उन्होंने नर्मदा बचाओ आंदोलन पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस बाँध से गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के सूखा पीड़ित किसानों को पानी मिल सकेगा.

उधर गुजरात कांग्रेस ने भी इस मसले पर अपना समर्थन जताया है. हालांकि आलाकमान के आदेश पर बंद का आहवान वापस ले लिया गया था.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

बांध बना रहे अधिकारियों ने बांध की ऊंचाई 110 मीटर से बढ़ाकर 121 मीटर करने का फ़ैसला किया था जिसका कई लोगों ने विरोध किया क्योंकि इससे कई और परिवार बेघर हो जाएँगे.

सुप्रीम कोर्ट
आंदोलनकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की गई है

मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान दिए गए फ़ैसले में कहा गया कि जब तक पुनर्वास का काम पूरा नहीं हो जाता तब तक ऊंचाई का काम आगे न बढ़ाया जाए.

अब नर्मदा बचाओ आंदोलन का कहना है कि पुनर्वास का काम पूरा नहीं हुआ है और इसे लेकर आंदोलन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है.

मुख्य न्यायाधीश वाईके सभरवाल के नेतृत्व वाला तीन सदस्यीय पीठ सोमवार को इस मामले की सुनवाई करेगा.

इस पीठ को फ़ैसला करना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत राहत और पुनर्वास का काम पूरा हुआ है या नहीं.

पुनर्वास के बिना बाँध की ऊँचाई न बढ़ाने की माँग को लेकर मेधा पाटकर समेत सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण लोग पिछले कई दिनों से जंतर मंतर पर धरना दे रहे हैं.

मेधा पाटकर को पिछले हफ्ते अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है लेकिन उनकी भूख हड़ताल जारी है. और उनकी हालत गंभीर बताई जाती है.

इससे जुड़ी ख़बरें
आमिर ख़ान ने समर्थन जताया
14 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस
सरकार नर्मदा बाँध की समीक्षा करेगी
13 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस
मेधा पाटकर की हालत और बिगड़ी
05 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस
मेधा पाटकर को अस्पताल ले जाया गया
05 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस
मेधा पाटकर की तबीयत बिगड़ी
04 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस
हम चुपचाप मर नहीं सकते:अरुंधती
04 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस
नर्मदा बचाओ आंदोलन के बीस बरस
24 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>