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मुंबई, हैदराबाद, बंगलौर में होगी मेट्रो | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र सरकार ने तीन और शहरों- मुंबई, हैदराबाद और बंगलौर के लिए मेट्रो के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है. दो शहरों कोलकाता और राजधानी दिल्ली में मेट्रो पहले से ही दौड़ रही है. भारत के शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी ने हैदराबाद में घोषणा की कि इन शहरों में मेट्रो परियोजना पर कार्य तत्काल शुरू किया जा सकता है. उनका कहना था कि यह परियोजना रेल मंत्रालय और राज्य सरकारों के मतभेद के कारण अटकी हुई थी. शहरी विकास मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने फ़ैसला किया है कि मेट्रो रेल का निर्णय अब संबंधित राज्य सरकारों पर छोड़ दिया जाए. दिल्ली और कोलकाता शहरों को मेट्रो से बड़ा फ़ायदा हुआ है और इससे ट्रैफिक व्यवस्था में भारी सुधार हुआ है. ग़ौरतलब है कि मुंबई भारत की कारोबारी राजधानी मानी जाती है जबकि हैदराबाद और बंगलौर सूचना तकनीक के प्रमुख केंद्र हैं. जानकार मानते हैं कि कोलकाता में मेट्रो के निर्माण और उसे चालू करने में बहुत ज्यादा वक़्त लगा और कोलकाता के लोगों को इसके कारण बहुत परेशानी भी उठानी पड़ी. इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव ये पड़ा कि मेट्रो पटरियों पर तो चढ़ी लेकिन लोगों के दिल से उतर गई. पर दिल्ली में मेट्रो सफल रही क्योंकि यहाँ इसके निर्माण की कार्यशैली अलग है. लोगों को ख़बर भी नहीं होती कि काम कब कहाँ पहुँचा और कब ख़त्म हो गया. सब काम टीन की चादरों से घिरा या फिर जमीन के नीचे चलता है और ऊपर ट्रैफिक बेरोकटोक चलता रहता है. | इससे जुड़ी ख़बरें दिल्ली मेट्रो में दुनिया की दिलचस्पी03 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस मेट्रो रेल में रेल-पेल | भारत और पड़ोस तस्वीरों में : दिल्ली मेट्रो | भारत और पड़ोस दिल्ली की आन बान शान-मेट्रो | भारत और पड़ोस दिल्ली मेट्रो की पहली यात्रा01 जनवरी, 1970 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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