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धीरे-धीरे जिए मगर खूब जिए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कोलकाता के सबसे पुराने बाशिंदे की मौत हो गई है. कोलकाता चिड़ियाघर में 'अद्वैत' नाम के कछुए की बुधवार को मौत हो गई, इतिहास के कई दौरों का गवाह रहा अद्वैत कुछ समय से बीमारियों का सामना कर रहा था. पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों का कहना है कि अद्वैत की उम्र कम से कम 150 साल थी, लेकिन दूसरे कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिनके आधार पर उनकी उम्र 250 साल बताई जा रही है. अब अद्वैत के खोल की कार्बन डेटिंग की जाएगी ताकि उनकी उम्र का सही अंदाज़ा लगाया जा सके. पश्चिम बंगाल के वन्य जीव मंत्री जोगेश बर्मन ने कहा, "ऐतिहासिक रिकॉर्डों से पता चलता है कि ब्रितानी गवर्नर जनरल रॉबर्ट क्लाइव ने अद्वैत को पाला था जो वर्षों तक उनके साथ रहने के बाद 130 वर्ष पहले चिड़ियाघर भेज दिया गया था." जोगेश बर्मन का कहना है कि अद्वैत को शायद सेशेल्स से लाकर किसी ने रॉबर्ट क्लाइव को उपहार के तौर पर दिया था. रॉबर्ट क्लाइव 1770 के दशक में बंगाल में ईस्ट इंडिया कंपनी के शीर्ष अधिकारी थे. अद्वैत अलडबरा प्रजाति का कछुआ था जिसका वज़न लगभग 120 किलोग्राम था. अद्वैत का कोलकाता के चिड़ियाघर में बहुत सम्मान था और जब आठ वर्ष पहले उसके पैरों में संक्रमण हुआ तो उनके इलाज के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया गया था. चिड़ियाघर के एक कर्मचारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा, "यह हमारे लिए बहुत दुख का दिन है, हमें अद्वैत की बहुत याद आएगी." |
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