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'देश मेरी इस भावना को समझेगा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लोकसभा की सदस्यता और राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़े की घोषणा कर भारतीय राजनीति में भूचाल मचा दिया है. अपने नई दिल्ली स्थित आवास 10 जनपथ में गुरूवार को तीन बजे संवाददताओं के समक्ष उन्होंने अपने इस्तीफ़े की घोषणा की. सोनिया गांधी की घोषणा "दो दिनों से देश में कुछ लोग ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं जैसे कि सरकार और संसद का उपयोग केवल मेरी तरफ़दारी के लिए हो रहा है. इससे मुझे बहुत दुख पहुँचा है. मैंने पहले भी कहा है कि मैं राजनीति और सार्वजनिक जीवन में किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं आई. मैंने देश और भारतीय समाज की सेवा और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया है. इसीलिए मैं सार्वजनिक जीवन और राजनीति के आदर्शों और अपनी मान्यताओं के अनुरूप लोकसभा की सदस्यता से और एनएसी की अध्यक्षता से त्याग-पत्र देती हूँ. मुझे पूरा भरोसा है कि मेरे रायबरेली के भाई-बहन और पूरा देश मेरी इस भावना को समझेगा." पत्रकारों के सवालों के जवाब में सोनिया गांधी ने कहा, "मैंने ऐसा इसलिए किया कि मैं ऐसा करना ठीक समझती हूँ." चुनाव लड़ने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "हाँ, मैं ज़रूर चुनाव लड़ूँगी. रायबरेली से चुनाव लड़ूँगी." | इससे जुड़ी ख़बरें इस्तीफ़े पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ23 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस सोनिया गांधी का लोकसभा से इस्तीफ़ा 23 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस संसद का सत्र बीच में ही ख़त्म23 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस एनडीए ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप को कहा22 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस 'लाभ के पद' को लेकर संसद में हंगामा22 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस जया बच्चन राज्यसभा के अयोग्य क़रार17 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस मैं इस्तीफ़ा देना चाहता हूं: अमर सिंह17 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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