 | | | पुलिस ने दो अभियुक्तों के रेखाचित्र जारी किए हैं |
मंगलवार सात मार्च को वाराणसी में हुए बम धमाके के सिलसिले में पुलिस ने जिन दो लोगों को गिरफ़्तार किया था उन्हें रिहा कर दिया गया है. पुलिस ने उनके बारे में पूरी छानबीन करने के बाद कहा है कि इस मामले में उनका हाथ नहीं था. जारी की गई तस्वीरों से हुलिया मिलने के कारण गिरफ़्तार किए गए दोनों व्यक्ति बिहार के मुजफ़्फ़रपुर के रहने वाले हैं और मुजफ़्फरपुर पुलिस ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि उनका पिछला रिकॉर्ड साफ़-सुथरा है. इन दोनों युवकों को हरदोई में पुलिस ने गिरफ़्तार किया था, वे धूप के चश्मों की बिक्री का कारोबार करते हैं. हरदोई पुलिस ने इन दोनों युवकों को उनके रिश्तेदारों के हवाले कर दिया है. उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि बम धमाकों के मामले में उसके हाथ अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं लगा है. पुलिस कह चुकी है कि उसे विस्फोट के पीछे लश्करे तैबा का हाथ होने का संदेह है. पुलिस का मानना है कि बुधवार को लखनऊ में मुठभेड़ में मारा गया कश्मीरी चरमपंथी शायद वाराणसी धमाकों का सूत्रधार था. पुलिस प्रमुख का कहना है कि इसकी पूरी संभावना है कि वह व्यक्ति वाराणसी के हमले में शामिल रहा होगा. |