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धार में तनाव, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शुक्रवार के दिन हिंदू त्योहार वसंत पंचमी पड़ने और हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के विवादित भोजशाला में पूजा और नमाज़ की जिद के मद्देनज़र पुलिस ने धार शहर में 'फ्लैग मार्च' शुरू कर दिया है. प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में भीड़ के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी है. पुलिस ने हथियारों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और धार पहुँचने के रास्तों पर कड़ी नाकेबंदी कर दी है. पुलिस महानिरीक्षक एके सोनी ने बताया कि प्रशासन क़ानूनी क़दम के अलावा दोनों समुदायों के बीच पूजा और नमाज़ को लेकर उठे झगड़े को शांत करने की कोशिश कर रहा है. छह वर्ष के अंतराल के बाद इस साल वसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ रही है. हिंदू इस दिन यहाँ विशेष पूजा का आयोजन करते हैं और वे इस दिन भी ऐसा करना चाहते हैं. दूसरी ओर सरकार की व्यवस्था के अनुसार हर शुक्रवार को मुसलमान नमाज़ अदा करने के लिए जमा होते हैं. हिंदुओं के लिए यहाँ प्रत्येक मंगलवार को पूजा अर्चना की सुविधा प्रदान की गई है. भारतीय पुरातत्व विभाग ने हिंदुओं को सुबह और शाम को पूजा करने और मुसलमानों को दिन में एक से तीन के बीच नमाज़ का समय दिया है. लेकिन हिंदूवादी संस्थाएँ यह माँग कर रही हैं कि मुसलमान इस शुक्रवार को वहाँ नमाज़ अदा न करें. समुदायों की जिद हिंदू जागरण मंच के संयोजक राधेश्याम यादव ने कहा है कि मुसलमान वहाँ प्रत्येक शुक्रवार नमाज़ पढ़ते है. लेकिन वसंत पंचमी का त्योहार वर्ष में एक बार आता है इसलिए उन्हें उदारता का परिचय देकर हिंदुओं को पूरे पूजा अर्चना का अधिकार दे देना चाहिए. एक सुझाव यह भी आया कि इस शुक्रवार के बदले मुसलमान आनेवाले किसी साल में जब ईद मंगलवार को पड़े, ईद की नमाज़ भोजशाला में पढ़े. शहर काज़ी मौलाना ज़काउल्ला का कहना है कि हिंदू संस्थाएँ महज़ भ्रम फैलाने का काम कर रही हैं क्योंकि भोजशाला की मस्जिद जुमा मस्जिद है यानी वहाँ सिर्फ़ शुक्रवार की नमाज़ अदा की जाती है, ईद की नमाज़ तो ईदगाह में होती है. मध्य प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री कैलाश विजयवर्गीज ने कहा है कि सरकार भारतीय पुरातत्व विभाग के आदेशानुसार हिंदू और मुसलमानों को पूजा की छूट देगी. लेकिन राधेश्याम यादव का कहना है कि उस दिन धार में जमा होने वाली एक लाख की हिंदू भीड़ को भोजशाला में समय पर घुसाना और जुमे के लिए परिसर खाली कराना मुश्किल काम है. भोजशाला में ग्यारहवीं सदी का एक पुरातात्विक स्मारक है. इसे हिंदू सरस्वती का मंदिर मानते हैं और मुसलमान मस्जिद. परंपरागत ढंग से वहाँ साल में सिर्फ़ एक बार सरस्वती की पूजा होती रही है और मुसलमान हर शुक्रवार को नमाज़ अदा करते रहे हैं. लेकिन सन् 2003 में हिंदू जागरण मंच ने हिंदुओं के वहाँ नियमित प्रवेश की माँग को लेकर एक आंदोलन शुरु किया था. यह आंदोलन हिंसक हो उठा था और सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था. इसके कारण धार में लगातार कई दिनों तक कर्फ़्यू लगाना पड़ा था. | इससे जुड़ी ख़बरें दंगों के लिए सामूहिक जुर्माना | भारत और पड़ोस धार में हिंसा में दो मरे21 फ़रवरी, 2003 | पहला पन्ना भोजशाला में पूजा शांतिपूर्वक संपन्न26 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस धार में हिंसा के बाद कर्फ़्यू | भारत और पड़ोस ये चुनावी हथकंडे हैं: दिग्विजय | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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