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मध्य प्रदेश में ईसाइयों पर हमला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रार्थना के लिए जुटे ईसाई लोगों पर कुछ अज्ञात लोगों ने शनिवार सुबह हमला किया. पुलिस का कहना है कि इस हमले में एक पादरी समेत लगभग 25 लोगों और एक बच्चे को गंभीर चोटें आईं हैं. भोपाल के पुलिस प्रमुख अनंत कुमार सिंह ने बताया कि एक घर में प्रार्थनासभा चल रही थी तभी कुछ लोगों ने इसमें बाधा डाली और लोगों को पीटा. उन्होंने बताया कि इससे छह लोगों को सिर और पैर में चोटें आईं हैं और उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया है. पुलिस प्रमुख का कहना था कि प्रार्थनासभा में स्थानीय बाइबिल स्कूल के 15 बच्चे भी शामिल थे. इस बस्ती के एक स्थानीय निवासी अनिल मार्टिन ने बताया कि उन्होंने लोहे की छड़ें और हॉकियाँ लिए हुए लगभग 35 लोगों के एक ग्रुप को देखा. वे प्रार्थनासभा के लिए जुटे लोगों से मारपीट कर भाग रहे थे. लेकिन घायलों में से कोई भी व्यक्ति हमलावरों की पहचान करने के लिए तैयार नहीं है. हिंदू संगठन से जुड़े देवेंद्र रावत ने इस घटना में किसी भी हिंदूवादी संगठन के शामिल होने से साफ़ इनकार किया है और इस घटना की निंदा की है. हालांकि उन्होंने आरोप लगाया ग़रीब और अशिक्षित हिंदुओं का लालच देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है. बजरंग दल और हिंदू रक्षा मंच मध्य प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर ऐसे आरोप लगाता रहा है. माना जा रहा है कि ऐसी घटनाओं में नरेंद्र समिति की रिपोर्ट लीक हो जाने के बाद बढोत्तरी हुई है. यह समिति प्रदेश में भाजपा की सरकार के सत्ता में आने के बाद झाबुआ में ईसाई विरोधी दंगों की जाँच के लिए गठित की गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें स्टेन्स हत्याकांड में दारा की सज़ा घटी19 मई, 2005 | भारत और पड़ोस केरल में मिशनरी पर हमला | भारत और पड़ोस ईसाई से फिर हिंदू बने04 मार्च, 2004 | भारत और पड़ोस सभी के आराध्य हैं चातन स्वामी10 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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