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शुक्रवार, 27 जनवरी, 2006 को 14:42 GMT तक के समाचार
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घरेलू कलह ने दी पेड़ पर शांति

कपिला प्रधान
कपिला प्रधान पेड़ से उतरन को तैयार ही नहीं हैं
घरेलू कलह से तंग आकर कपिला प्रधान ऐसे घर से निकले कि लौट कर नहीं गए और पिछले पंद्रह साल से वह अपना जीवन पेड़ों की शाखाओं पर बिता रहे हैं.

उड़ीसा राज्य के नागझारा गाँव के 45 वर्षीय कपिला अपनी पत्नी के बर्ताव से दुखी थे.

उनकी माँ सिशुला का कहना है, "मेरे बेटे और बहू में उनके बच्चे के जन्म के बाद से लगातार झगड़े होते रहते थे. उनका संबंध दिन ब दिन बिगड़ता जा रहा था".

"एक दिन पौ फटे जब कोई सो कर उठा भी नहीं था वह घर छोड़ कर चला गया".

एक महीने के बाद गाँव वालों ने देखा कि कपिला प्रधान ने पास के एक जंगल में पेड़ के ऊपर डेरा डाला हुआ था.

सिशुला
माँ सिशुला मान-मनौव्वल करके हार गईं

सिशुला का कहना है, "मैं उसे मनाने गई लेकिन वह वापस लौटने को राज़ी नहीं हुआ. मैं हार कर घर लौट आई. तब से मैं बहुत रोई हूँ".

कपिला जंगल में ही कुछ कंदमूल खा कर गुज़ारा कर रहे हैं.

बीबीसी से उन्होंने पेड़ के ऊपर से ही बात की और उनका कहना था, "जब से मैंने घर छोड़ा है बहुत कम बार ऐसा हुआ है कि पका हुआ खाना खाया हो".

एक स्थानीय नागरिक सुकांता दाकुआ का कहना है कि कभी-कभी तीज-त्योहार पर गाँव वाले कपिल को भोजन दे आते हैं.

वर्ष 1999 में जब राज्य में भारी तूफ़ान आया था और 300 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से चल रही हवाओं ने तबाही मचा दी थी तब भी कपिला जंगल में ही रहे.

 जब से मैंने घर छोड़ा है बहुत कम बार ऐसा हुआ है कि पका हुआ खाना खाया हो".
कपिला प्रधान

उन दिनों को याद करके वह बताते हैं कि कैसे लगातार बारिश हो रही थी और पेड़ गिर रहे थे. एक पेड़ तो बिलकुल उनके क़रीब आ कर गिरा और वह बाल-बाल बचे.

तूफ़ान के अलावा बंदरों और हाथियों का उत्पात भी उन्हें झेलना पड़ता है लेकिन फ़र्क़ सिर्फ़ इतना पड़ा है कि वह जंगल के उस सिरे पर रहने लगे हैं जो गाँव के पास है.

लेकिन उनका रहनसहन पेड़ों पर ही है.

दम्पत्ति
बबुअन और तुलसी अब साथ ही रहते हैं

कपिला के जाने के बाद उनके घर में कई बदलाव हुए.

पड़ोसियों का तो यह कहना है कि कपिला के रहते हुए ही उनकी पत्नी तुलसी के अपने देवर बबुअन के साथ अवैध संबंध थे और यही झगड़े का कारण था.

कपिला के जाने के बाद बबुअन और तुलसी साथ ही रहने लगे हैं और उनके एक बच्चा भी है.

हालाँकि बबुअन इस बात से इंकार करते हैं कि उनके भाई के घर छोड़ने की वजह यह थी.

बबुअन का कहना है कि जब उन्हें यह अंदाज़ा हो गया कि उनका भाई अब कभी नहीं आने वाला है तभी उन्होंने तुलसी का हाथ थामा.

कपिला की माँ सिशुला ने भी यह स्थिति स्वीकार कर ली है.

लेकिन यदि कपिला घर लौट आए तब क्या होगा?

माँ का कहना है कि पहले तो इसकी संभावना ही नहीं है और अगर ऐसा होता है तो कपिला को अपनी पत्नी पर हक़ नहीं जमाना चाहिए.

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