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धरम सिंह ने की राज्यपाल से मुलाक़ात | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कर्नाटक विधानसभा में अल्पमत में आ चुके काँग्रेस के नेता धरम सिंह ने राज्यपाल टीएन चतुर्वेदी से मुलाक़ात करके विश्वास मत हासिल करने के लिए कुछ समय माँगा है. उन्होंने शुक्रवार की शाम को राज्यपाल से एक घंटे तक बातचीत करके अनुरोध किया कि उन्हें एक और अवसर दिया जाए. राज्यपाल ने धरम सिंह को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए सात दिन का समय दिया था और शुक्रवार को उन्हें बहुमत साबित करना था लेकिन भारी हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी. इस पर राज्यपाल की क्या प्रतिक्रिया थी यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है. इस बीच जनता दल सेक्युलर के विधायकों का नेतृत्व करने वाले एचडी कुमारस्वामी भी अपने समर्थकों के साथ दो बसों में भरकर राजभवन पहुँचे हैं. माना जा रहा है कि वे राज्यपाल से मुलाक़ात करके अनुरोध करेंगे कि धरम सिंह से इस्तीफ़ा देने को कहा जाए और उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाए. कुमारस्वामी को जनता दल सेक्युलर के विधायक दल के नेता के रूप में स्पीकर पहले ही मान्यता दे चुके हैं. बहुमत कुमारस्वामी के नेतृत्व वाले जनता दल सेक्युलर और भारतीय जनता पार्टी को मिलाकर बहुमत का आँकड़ा आसानी से हासिल हो जाता है.
224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में बहुमत के लिए 113 विधायकों का समर्थन चाहिए, भारतीय जनता पार्टी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है जबकि 40 से अधिक विधायक कुमारस्वामी के समर्थन में बताए जाते हैं. कांग्रेस जनता दल सेक्युलर के समर्थन से सरकार चला रही थी, कांग्रेस के 64 विधायक हैं और जनता दल सेक्युलर का समर्थन नहीं मिलने की स्थिति में उसके लिए बहुमत साबित करना असंभव है. अब लोगों की नज़रें राज्यपाल पर टिकी हैं कि वे विधानसभा की बैठक कब बुलाते हैं या फिर विधायकों की परेड कराई जाती है. वहीं जनता दल सेक्युलर के अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. संकट पिछले दिनों जब जनता दल सेक्युलर ने कांग्रेस पार्टी को राज्य में अपना समर्थन देने से इनकार किया था तो राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था.
जेडी(एस) के हाथ खींचने से कांग्रेस के पास विधायकों का आँकड़ा ज़रूरी संख्या से कम हो गया और वह अल्पमतम में दिखने लगी. राज्य की इन्हीं राजनीतिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्यपाल टीएन चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री धरम सिंह से 27 जनवरी को सदन में अपना बहुमत साबित करने के लिए कहा था. हालाँकि शुक्रवार दोपहर तक की कार्यवाही में विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव नहीं रखा जा सका और अब राज्यपाल पर सबकी नज़रें टिकी हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें देवेगौड़ा ने कांग्रेस की आलोचना की23 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस धरमसिंह को 27 जनवरी तक का समय19 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस राज्यपाल के अभिभाषण का बॉयकॉट19 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस कर्नाटक की गठबंधन सरकार ख़तरे में18 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस कुमारस्वामी का सरकार बनाने का दावा18 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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