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रविवार, 01 जनवरी, 2006 को 10:59 GMT तक के समाचार
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बिहार में छह को ज़िंदा जलाया
राघोपुर, बिहार
घटना से ग्रामीण सकते में रह गए हैं
बिहार में वैशाली ज़िले के राघोपुर में ब्लॉक में एक ही परिवार के पाँच बच्चों और एक महिला को ज़िंदा जलाने की घटना की ख़बर मिली है.

घर का मालिक विजेंद्र महतो गंभीर रूप से घायल बताया गया है.

राघोपुर पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा विपक्षी नेता राबड़ी देवी के निर्वाचन क्षेत्र में पड़ता है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटनास्थल का दौरा किया है और कहा है कि दोषियों को बख़्शा नहीं जाएगा.

उधर रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि यह एक आपराधिक घटना है और इसे जातीय मुद्दे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.

 यह घटना सरकार और प्रशासन की विफ़लता है. महतो परिवार ने पहले ही स्थानीय थाने को सूचित किया था कि उन्हें मारने की धमकी दी गई है और उनपर मुक़दमा वापस लेने का दबाव पड़ रहा है. अगर प्रशासन उसी वक़्त कार्रवाई करता तो शायद यह घटना नहीं होती.
लालू प्रसाद, अध्यक्ष-राजद

घटनास्थल का दौरा करके लौटे लालू प्रसाद ने बताया कि उनकी पार्टी मृतकों के निकट संबंधियों को 50-50 हज़ार रुपए की सहायता देगी और पीड़ित परिवार का घर भी बनवाएगी.

लालू प्रसाद ने बीबीसी को बताया, "यह घटना सरकार और प्रशासन की विफ़लता है. महतो परिवार ने पहले ही स्थानीय थाने को सूचित किया था कि उन्हें मारने की धमकी दी गई है और उनपर मुक़दमा वापस लेने का दबाव पड़ रहा है. अगर प्रशासन उसी वक़्त कार्रवाई करता तो शायद यह घटना नहीं होती."

यह घटना शनिवार को आधी रात के बाद क़रीब एक बजे हुई.

वैशाली के पुलिस अधीक्षक प्रीता वर्मा ने पीटीआई को बताया कि यह घटना यादवों और कुर्मियों के बीच की रंजिश का नतीजा है जिसमें तीन लोगों के ख़िलाफ़ चोरी का मामला वापस लेने से इनकार करने पर एक महिला को उसके पाँच बच्चों सहित ज़िंदा जला दिया गया.

चोरी का मामला

पुलिस अधीक्षक के अनुसार राघोपुर ब्लॉक के रामपुल-श्यामचंद गाँव में विजेंद्र महतो के घर को कुछ सशस्त्र लोगों ने रविवार तड़के स्थानीय समय के अनुसार क़रीब एक बजे आग लगा दी.

राघोपुर के पीड़ित

इस आग में विजेंद्र की पत्नी और पाँच बच्चे ज़िंदा जल गए.

ख़बरों के अनुसार विजेंद्र महतो ने सितंबर 2005 में अपनी भैंस चोरी के मामले में जगत राय, वज़ीर राय और अजय के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

आरोप था कि जगत राय विजेंद्र महतो पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव डाल रहा था और ऐसा नहीं करने पर उसने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी.

जगत राय को इस मामले में हाल ही में ज़मानत पर रिहा किया गया था. कहा गया है कि घटना की रात को भी जगत राय अपने कुछ साथियों के साथ महतो पर मुक़दमा वापस लेने के लिए दबाव डालने के वास्ते गया था.

पुलिस अधीक्षक वर्मा के अनुसार विजेंद्र महतो ने जगत राय की बात मानने से इनकार कर दिया तो परिवार के सातों लोगों को घर के अंदर बंद कर दिया गया और आग लगा दी.

विजेंद्र महतो की पत्नी और पाँच बच्चे तो आग में जलकर मर गए और ख़ुद महतो को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस घटना के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है लेकिन मुख्य अभियुक्त जगत राय फ़रार था.

उन्होंने बताया कि इस घटना में शामिल लोगों की तलाश में जगह-जगह छापे मारे जा रहे हैं.

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