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चेतावनी प्रणाली बनाने की दिशा में प्रगति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सूनामी से प्रभावित देशों ने कहा है कि सूनामी की पूर्व चेतावनी देने वाली प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. संयुक्त राष्ट्र के तत्वाधान में हैदराबाद में आयोजित एक सम्मेलन में 25 देशों ने यह उम्मीद व्यक्त की. उल्लेखनीय है कि पिछले साल 26 दिसंबर को हिंद महासागर में उठी सूनामी लहरों ने तटवर्ती एशियाई देशों में भारी तबाही मचाई थी. इस अवसर पर यूनेस्को के सहायक महानिदेशक डॉ. पैटरिसियो बर्नाल ने हिंद महासागर के तटवर्ती देशों से एक समन्वित सूनामी चेतावनी प्रणाली के लिए परस्पर ज़्यादा सहयोग करने को कहा. सम्मेलन में गत वर्ष की सूनामी लहरों से सबसे ज़्यादा प्रभावित इंडोनेशिया, भारत और थाइलैंड के अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने सूनामी चेतावनी प्रणाली स्थापित करने की दिशा में बहुत प्रगति की है. भारत ने तो एक अंतरिम चेतावनी प्रणाली स्थापित भी कर दी है. हैदराबाद में स्थापित यह प्रणाली समुद्री लहरों, भूगर्भीय हलचलों और तापमान पर नज़र रखती है. भारत सरकार के महासागर विकास विभाग में सचिव पीएस गोयल ने बताया कि सूनामी चेतावनी की पूर्ण प्रणाली 2007 तक काम करने लगेगी. उन्होंने कहा कि इस पर तीन करोड़ डॉलर की लागत आएगी, और यह भारत के पूर्वी और पश्चिमी दोनों तटों के लिए होगी. उन्होंने कहा कि हैदराबाद में स्थापित अंतरिम व्यवस्था भी आधा घंटा के भीतर सूनामी की चेतावनी देने में सक्षम है. | इससे जुड़ी ख़बरें सूनामी चेतावनी प्रणाली पर सहमति बनी30 जून, 2005 | विज्ञान सूनामी चेतावनी प्रणाली पर काम तेज़26 जून, 2005 | पहला पन्ना सूनामी पीड़ितों की याद में आयोजन26 जून, 2005 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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