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त्यागपत्र के लिए तैयार हुए नटवर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वोल्कर समिति की रिपोर्ट में नाम आने के बाद से दबाव में घिरे पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने अंततः मंत्री पद से इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला कर लिया है. कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा है कि नटवर सिंह ने रूस की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लौटने पर मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देने की पेशकश की है. आनंद शर्मा ने सोमवार देर रात पत्रकारों को बताया कि नटवर सिंह ने मॉस्को में प्रधानमंत्री से फ़ोन पर बात कर अपने फ़ैसले की जानकारी दी. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री से बात करने के बाद नटवर सिंह सत्ताधारी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्षा सोनिया गांधी के आवास पर गए और उनको भी अपने निर्णय की जानकारी दी. आनंद शर्मा ने कहा,"नटवर सिंह जी ने मनमोहन सिंह जी के साथ हुई बातचीत में अपने इस्तीफ़े के फ़ैसले की जानकारी दी और ये कहा कि उनके देश लौटते ही वे अपना त्यागपत्र दे देंगे". वोल्कर समिति की रिपोर्ट में नाम आने के बाद नटवर सिंह से विदेश मंत्रालय का प्रभार छीन लिया गया था लेकिन वे मनमोहन सरकार में बिना विभाग के मंत्री बने हुए थे. तीन दिनों के लिए रूस की यात्रा कर रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बुधवार को दिल्ली लौटेंगे. मामला सोमवार देर रात नटवर सिंह के इस्तीफ़े से पहले लगातार तीसरे दिन भारत में संसद के दोनों सदनों में कामकाज नहीं हो सका. वहीं संसद में विपक्ष के हंगामे से अलग स्वयं अपनी पार्टी में भी नटवर सिंह अलग-थलग पड़ते दिखे. कांग्रेस पार्टी ने रविवार देर रात नटवर सिंह को पार्टी की संचालन समिति से हटा दिया. कांग्रेस संचालन समिति अभी पार्टी में निर्णय लेनेवाली सर्वोच्च संस्था है. सोनिया गांधी ने तीसरी बार पार्टी का अध्यक्ष चुने जाने के बाद पार्टी कार्यसमिति को संचालन समिति में बदल दिया था. उल्लेखनीय है कि इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के 'तेल के बदले अनाज' कार्यक्रम में घोटाले की जाँच करनेवाली वोल्कर समिति ने अपनी रिपोर्ट में जिन लोगों के नाम लिए हैं उनमें नटवर सिंह का भी नाम शामिल था. इस मामले ने जल्दी ही तूल पकड़ लिया जिसके बाद केंद्र सरकार ने इस बारे में जाँच कराने की घोषणा की और भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश आर एस पाठक को इसकी ज़िम्मेदारी सौंप दी. इसके बाद नटवर सिंह से विदेश मंत्रालय तो वापस ले लिया गया लेकिन तब प्रधानमंत्री कार्यालय से एक बयान जारी कर ये कहा गया था कि नटवर सिंह के पद छोड़ने की पेशकश के बावजूद मनमोहन सिंह ने उनसे मंत्रिमंडल में बने रहने का अनुरोध किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें कांग्रेस ने नटवर से एक और पद छीना05 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अकेले पड़ते जा रहे हैं नटवर05 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नटवर ने इस्तीफ़ा न देने की बात दोहराई04 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'नटवर ख़ुद इस्तीफ़ा दें, तो विचार हो सकता है'04 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस मामले की तह तक जाएँगे: प्रधानमंत्री 08 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस वोल्कर मामले की न्यायिक जाँच घोषित07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नटवर पर गिरी गाज, विदेश मंत्रालय छिना07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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