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वर्दी नहीं घुँघरू ही चाहिए पांडा को | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्वयं को भगवान कृष्ण की भक्त राधा मानकर महिलाओं के कपड़े पहनने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा है कि वे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति चाहते हैं. लेकिन देवेंद्र पांडा नाम इस पुलिस अफ़सर के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है जिसके लिए राज्य के पुलिस महानिदेशक ने अनुशंसा भेजी है. पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह ने कहा है कि उन्होंने सेवानिवृत्ति की अर्ज़ी के साथ-साथ विभिन्न टेलीविज़न चैनलों पर महिलाओं के कपड़े पहनकर नज़र आने के कारण उनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की सिफ़ारिश आगे बढ़ा दी है. राज्य के गृह सचिव आलोक सिन्हा ने पत्रकारों को बताया है कि इस बारे में विचार किया जा रहा है और संभवतः अगले सप्ताह मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव इस बारे में निर्णय करेंगे. वैसे देवेंद्र पांडा ने ऐसा इशारा किया है कि यदि उनके ख़िलाफ़ 'भगवान कृष्ण की पूजा के लिए' किसी तरह की कार्रवाई होती है तो वे अदालत की शरण ले सकते हैं. उन्होंने कहा,"उत्तर प्रदेश पुलिस आधिकारिक तौर पर भगवान कृष्ण के जन्मदिन को मान्यता देती है. फिर वे भगवान कृष्ण के प्रति मेरी आस्था के लिए कैसे मेरे विरूद्ध कार्रवाई कर सकते हैं". मामला यह मामला पिछले सप्ताह तब सामने आया जब उत्तर प्रदेश में पुलिस महानिरीक्षक के रूप में कार्यरत देवेन्द्र कुमार पांडा पीले रंग की सलवार में और होठों पर लिपस्टिक लगा कर अदालत में उपस्थित हुए. दरअसल कृष्ण भक्ति में पूरी तरह रंगे पुलिस अधिकारी देवेन्द्र कुमार पांडा ख़ुद को भगवान श्रीकृष्ण की प्रेमिका राधा मानने लगे हैं. उनका कहना है,"मैं भगवान कृष्ण अनोखा और सच्चा भक्त हूँ और किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हूँ". ख़ुद पांडा की पत्नी उनके राधा रूप से न सिर्फ अप्रभावित हैं, बल्कि उन्होंने पांडा पर पति धर्म का निर्वाह नहीं करने का आरोप लगाते हुए तलाक की अर्ज़ी दे दी है. लखनऊ की एक अदालत ने पांडा को निर्देश दिया है कि वो गुज़ारा भत्ता के रूप में हर महीने अपनी पत्नी को 7,000 रुपये दें. पांडा की पत्नी वीणा को डर है कि अपने कार्यकलाप से पांडा अपनी नौकरी गंवा सकते हैं. कृष्ण रंग में रंगे देवेन्द्र और वीणा शादी के बाद पिछले 33 वर्षों से साथ-साथ रह रहे हैं. वीणा का आरोप है कि देवेन्द्र ने अपने परिवार पर ध्यान देना बंद कर दिया है और उनका समय घर कें आंगन में लगे पीपल के पेड़ की पूजा और कृष्ण का गुणगान करने में बीतता है. पांडा ने अपने घर के एक कमरे में किसी के प्रवेश की मनाही कर रखी हैं. वह कहते हैं, "ये मेरा प्राइवेट बेडरूम है. सिर्फ़ कृष्ण यहाँ आ सकते हैं." भारत में भक्ति में रंगे लोगों का असाधारण व्यवहार कोई नई बात नहीं है, लेकिन पांडा का मामला थोड़ा अलग है क्योंकि वह एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं. पांडा के सहकर्मियों ने वर्षों तक इस राज को छुपाए रखा कि उनकी महिला वस्त्रों में रुचि है. लेकिन अब जबकि पूरा मामला मीडिया में चर्चा का विषय बन चुका है सरकार को इस पर विचार करना पड़ रहा है. राज्य के पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंह का ये भी कहना है कि हो सकता है किसी तरह की मानसिक समस्या के कारण पांडा इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें वीर रस से श्रृंगार रस की ओर15 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस औरत बनकर पदक जीतने के आरोप12 फ़रवरी, 2005 | खेल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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