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औरत बनकर पदक जीतने के आरोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कई स्वर्ण पदक जीतने वाली ज़िम्बाब्वे की एक जूनियर महिला एथलीट को मेडिकल जाँच के बाद पुरूष घोषित कर दिया गया है. सत्रह वर्षीय सामुकेलिसो सीथोल पर धोखा देकर महिला स्पर्धाओं में भाग लेने का आरोप लगाया गया है. न्यायालय में उन्होंने ज़ोर देकर रहा है कि वो महिला ही हैं जबकि डाक्टर की रिपोर्ट उसे पुरुष बता रही है. सीथोल का कहना है कि वो पुरुष और महिला दोनों के जननांगों के साथ पैदा हुई थी और एक ओझा ने उसका पुरुष जननांग गायब कर दिया था लेकिन अब वो दोबारा से आ गया है. उसने न्यायालय को बताया कि पुरुष जननांग इसलिए दोबारा आ गया है क्योंकि उसने ओझा को पूरे पैसे नहीं दिए थे. सरकारी समाचार पत्र ‘ हेराल्ड’ के अनुसार सीथोल का कहना है कि उसने तीन मार्च को ओझा को बाक़ी पैसे देने की व्यवस्था की है और उसे उम्मीद है कि उसका पुरुष जननांग एक बार फिर ग़ायब हो जाएगा. ग़ौरतलब है कि तीन मार्च को ही न्यायालय में इस मामले की सुनवाई शुरु होनी है. सरकारी वक़ील का कहना है कि उसे समझ नहीं आ रहा है कि जेल में सीथोल को मर्दों की कोठरी में रखा जाए या महिलाओं की. हरारे में बीबीसी संवाददाता स्टीव विकर्स का कहना है कि इस मामले में ज़िम्बाब्वे के लोग बड़ी रुचि ले रहे हैं और इस संबध में रेडियो पर चल रहे श्रोताओं से बातचीत के कार्यक्रमों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. एक श्रोता का कहना है कि सीथोल ने चूंकि स्वर्ण पदक जीते हैं इसलिए उसे दंड नहीं दिया जाना चाहिए. यह मामला तब सामने आया जब किसी ने सीथोल की एक मित्र और साथी एथलीट मेलीता मुदोनदीरो को बताया कि सीथोल वास्तव में पुरुष है. मेलीता मुदोनदीरो ने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी क्योंकि मेलीता ने यह सोचते हुए सीथोल के सामने कपड़े बदल लिए थे कि वो एक महिला है. सीथोल एक बहुमुखी प्रतिभाशाली एथलीट है, जिसने क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं में त्रिकूद, भाला-फेंक और गोला-फेंक जैसी स्पर्धाओं में कई स्वर्ण पदक जीते हैं. ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रीय एथलीट संघ ने अभी इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है. |
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