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चुंबन लेने पर हज़ार रूपए की चपत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल से आकर भारत के मंदिर में शादी करने का इसराइली दंपत्ति का सपना तो पूरा हो गया लेकिन उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि उनके पश्चिमी तौर-तरीक़े स्थानीय लोगों को रास नहीं आएँगे. राजस्थान के तीर्थनगर पुष्कर में हिंदू रीति से विवाह के बंधन में बंधने के बाद एलोन ओर्पाज़ और तेहिला सालेव ने मंदिर में ही एक दूसरे का चुंबन लिया. इसकी क़ानूनी शिकायत हुई और अब दंपत्ति को आदेश दिया गया है कि वे सार्वजनिक स्थल पर अभद्रता करने की वजह से दंड के भागी हैं और उन पर एक हज़ार रूपए का जुर्माना लगाया गया है. विवाह के दौरान मंत्रोच्चार कर रहे पंडित दंपत्ति के इस आचरण से बहुत नाराज़ हो गए, उनका कहना था कि इन लोगों ने धार्मिक समारोह की गरिमा का उल्लंघन किया है. इस पर दंपत्ति ने माफ़ी माँगी और कहा कि उन्हें चुंबन संबंधी सख़्त नियमों का पता नहीं था. इस दंपत्ति ने फ़ौरन जुर्माना भर दिया क्योंकि ऐसा नहीं करने पर उन्हें दस दिन की जेल की सज़ा हो सकती थी. पुष्कर के पंडों के संगठन के प्रमुख एसएन गर्ग ने कहा, "यह पुरोहित समाज के लिए चिंता का विषय है, हम चाहते हैं कि पुष्कर आने वाले विदेशी पर्यटक भारतीय संस्कृति का सम्मान करें." गर्ग ने बताया कि इस दंपत्ति को अब माफ़ कर दिया गया है लेकिन क़ानूनी कार्रवाई आवश्यक थी ताकि लोग ऐसी हरकत दोबारा न करें. दंपत्ति ने सफ़ाई देते हुए कहा कि विवाह के बाद चुंबन उनके रीति-रिवाजों के अनुरूप था, लोगों की भावना को ठोस पहुँचाना उनका उद्देश्य नहीं था. विश्व में ब्रह्मा के एकमात्र मंदिर के लिए प्रसिद्ध पुष्कर लंबे समय से विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है. |
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