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विमान अपहरण पर सरकार की नीति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने अपने वायुक्षेत्र के भीतर किसी विमान के अपहरण से निबटने के लिए एक नई नीति तैयार की है. इसके अंतर्गत विमान के अपहरण का प्रयास हमला माना जाएगा और दोषी पाए जाने पर अपहरणकर्ताओं को मौत की सज़ा तक दी जा सकती है. नई नीति में एक प्रावधान यह भी है कि यदि इस बात के सुबूत मिल जाएँ कि अपचालित विमान को किसी सामरिक ठिकाने को नष्ट करने के लिए मिसाइल के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है तो उस विमान पर गोलियाँ दाग़ दी जाएँ. इस बात का फ़ैसला आमतौर पर मंत्रिमंडल लेगा और आपातस्थिति आने पर प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री या गृह मंत्री भी इसका फ़ैसला कर सकते हैं.
नई नीति के तहत विमान का अपहरण करने वालों से उनकी मांगों को लेकर किसी तरह के समझौते की गुंजाइश नहीं है. भारतीय रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी का कहना है कि उनसे बातचीत इसी आशय से की जाएगी कि लोगों की जान न जाए और यात्रियों को आश्वस्त किया जा सके. रक्षा मंत्री का कहना है कि यह क़ानून जल्दी ही अमल में लाया जाएगा. इससे छह साल पहले भारत को इंडियन एयरलाइन्स के एक विमान का काठामांडू से अपहरण कर कंधार ले जाने वाले तीन इस्लामी चरमपंथियों को रिहा करना पड़ा था. |
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