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संसद में पेश की जाएगी फूकन रिपोर्ट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
विपक्ष के भारी दबाव के बाद बुधवार को सरकार ने मान लिया है रक्षा सौदों से संबंधित फूकन समिति की रिपोर्ट को संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा. इससे पहले सरकार तर्क दे रही थी कि फूकन समिति की रिपोर्ट अभी अधूरी है और इसे संसद में पेश नहीं किया जा सकता. सरकार ने रिपोर्ट पेश करने के लिए दो हफ़्तों का समय मांगा है. रक्षा सौदों के मामले को लेकर मंगलवार को भी संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ था और कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी थी. इस मसले को लेकर बुधवार को भी विपक्ष ने हंगामा किया और फूकन समिति की रिपोर्ट और रक्षा सौदों पर मुख्य सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) की रिपोर्ट संसद में पेश करने की मांग की. सरकार ने रक्षा सौदों पर चर्चा करवाना स्वीकार कर लिया था लेकिन विपक्ष का कहना था कि फूकन समिति की रिपोर्ट के बिना बहस नहीं की जा सकती. विवाद पूर्व रक्षामंत्री जॉर्ज फ़र्नांडिस के बयान पर बुधवार को लोकसभा में हंगामा भी हुआ. दरअसल सत्तारुढ़ यूपीए के घटक दलों, ख़ासकर कांग्रेस ने कारगिल के दौरान हुए रक्षा सौदों को लेकर जॉर्ज फ़र्नांडिस पर घोटाले के आरोप लगाए थे. पहले तो सरकार अड़ी हुई थी कि वह फूकन समिति की रिपोर्ट संसद में फ़िलहाल नहीं रखेगी लेकिन बुधवार को वह राजी हो गई. संसदीय कार्यमंत्री ग़ुलामनबी आज़ाद ने संसद परिसर में पत्रकारों को बताया कि फूकन समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही समिति की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी. वैसे सरकार को तीन भागों में आने वाली रिपोर्ट का पहला हिस्सा ही अभी मिला है. पूर्व रक्षामंत्री फ़र्नांडिस ने इस फ़ैसले का स्वागत किया है लेकिन उनका कहना है कि सरकार रक्षा मामलों में बहस को टालना चाहती है. |
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