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गोवा की सरकार बहुमत साबित करेगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गोवा की भारतीय जनता पार्टी सरकार संकट में आ गई दिखती है. चार भाजपा विधायकों के इस्तीफ़े और दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापसी से यह संकट खड़ा हुआ है. राज्यपाल एससी जमीर ने मुख्यमंत्री मनोहर परिक्कर को बहुमत साबित करके को कहा है. मुख्यमंत्री मनोहर परिक्कर ने दावा किया है कि उनकी सरकार को कोई ख़तरा नहीं है और वे तीन फ़रवरी को सदन में बहुमत साबित कर देंगे. उधर राज्यपाल जमीर ने गृहमंत्री शिवराज पाटिल से फ़ोन पर बात की है. दावे-प्रतिदावे कुल 40 सदस्यों वाले गोवा में राजनीतिक अस्थिरता पिछले बरसों में कई बार आई है. भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार रविवार को उस समय संकट में आ गई थी जब भाजपा के चार विधायकों ने अपना इस्तीफ़ा दे दिया और दो निर्दलीय विधायकों ने सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा कर दी. राज्यपाल ने चारों भाजपा विधायकों के इस्तीफ़े स्वीकार कर लिए हैं और इसके बाद गोवा विधान सभा में सदस्यों की वर्तमान संख्या 40 से घटकर 36 हो गई है. भाजपा सरकार की जगह सरकार बनाने का दावा कर रही कांग्रेस का कहना है कि उनके पास इस समय 19 विधायकों का समर्थन है जबकि भाजपा के पास सिर्फ़ 17 विधायकों का समर्थन है. कांग्रेस के इस दावे के बाद मुख्यमंत्री मनोहर परिक्कर ने कहा था, "बहुमत सदन में तय होता है राजभवन के लॉन में नहीं." |
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