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चरमपंथी हमले में 13 जवानों की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में अलगाववादी चरमपंथियों ने अर्धसैनिक बलों की एक टुकड़ी पर हमला किया और 13 जवानों और दो ड्राइवरों को मार दिया है. हमला नेशनल लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ त्रिपुरा (एनएलएफ़टी) के चरमपंथियों ने किया था और इस गुट ने इसकी ज़िम्मेदारी भी स्वीकार कर ली है. ये घटना बांग्लादेश के साथ लगते त्रिपुरा के पहाड़ी इलाक़े गंगाबारी-गंडाचेरा में हुई है. इस हमले में चार अन्य जवान घायल हो गए हैं और चरमपंथी लगभग 14 हथियार लेकर भागने में सफल हो गए हैं. समाचार हैं कि चरमपंथी पूरी तरह हथियारों से लैस थे और उन्होंने पहले हथगोले फ़ेंके और फिर ऑटोमैटिक राइफ़लों से गोलियाँ चलाईं. एनएलएफ़टी के एक प्रवक्ता और ख़ुद को मेजर यैमरॉक बताने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि त्रिपुरा की वामपंथी सरकार ने एनएलएफ़टी का विभाजन कर दिया है लेकिन उनके नेतृत्व वाला गुट लड़ाई जारी रखेगा. उन्होंने इस हमले को सरकार के प्रोत्साहन से किए गए 'हथियार डालने के नाटक' के ख़िलाफ़ उठाया गया कदम बताया. पिछले हफ़्ते 138 चरमपंथियों ने हथियार डाल दिए थे जिससे इस साल हथियार डालने वाले एनएलएफ़टी के सदस्यों की संख्या 200 हो गई है. राज्य के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने आरोप लगाया है कि ये चरमपंथी बांग्लादेश की साजेक पहाड़ियों में छिपकर अपनी गतिविधियाँ चला रहे हैं. |
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