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107 वर्ष के वृद्ध को जमानत मिली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में 107 वर्षीय वृद्ध को एक अदालती मामले में उम्र के आधार पर जमानत दे दी गई है लेकिन उनका मामला समाप्त नहीं हुआ है. 107 वर्षीय ननकू प्रसाद मिश्रा के ख़िलाफ 17 साल पहले ज्वाला प्रसाद नामक एक व्यक्ति पर हमला करने का मामला दायर किया गया था. इस मामले में ननकू प्रसाद ने 17 दिन जेल में बिताए लेकिन अगले 17 साल तक वह जेल के अंदर बाहर होते रहे. स्थानीय अदालत ने ननकू प्रसाद को छह साल की सजा सुनाई थी लेकिन पिछले साल लखनऊ उच्च न्यायालय ने इस सज़ा को ख़ारिज कर ननकू को रिहा करने की अनुमति दी थी. लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके ख़िलाफ उच्चतम न्यायालय में की और मामला फिर अदालत में पहुंच गया और ननकू अगस्त महीने में फिर जेल पहुंच गए. ननकू प्रसाद के वकील आई बी सिंह ने बीबीसी से कहा " मेरी जानकारी में भारत में ऐसा कोई मामला नही होगा जिसमें 107 वर्ष के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया हो. " ननकू मिश्रा पिछले एक पखवाड़े से बीमार हैं और बाराबंकी जेल अधिकारियों ने उन्हें जेल में रखने से मना कर दिया था. अब वह लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती हैं. वकील आई बी सिंह ने बताया कि लखनऊ की अदालत ने ननकू को उम्र के आधार पर जमानत दी है. ननकू प्रसाद पर निगरानी रखने वाले पुलिसकर्मी रामलाल का कहना था कि ननकू को जमानत दिए जाने से उन्हें बहुत राहत मिली क्योंकि वह एक ऐसे व्यक्ति की निगरानी कर रहे थे जो हिल डुल भी नहीं सकता हैं. ननकू मिश्रा की पत्नी और तीन में से दो पुत्रों का निधन हो चुका है. मिश्रा के एक पुत्र लंदन के लीवरपूल शहर में रहते हैं. |
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