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महिलाओं की रक्षा के लिए सख्त क़ानून | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने एक क़ानून पारित कर सम्मान के नाम पर की जाने वाली हत्याओं के दोषियों को मृत्युदंड देने का प्रावधान किया है. पाकिस्तान में ऐसी कई घटनाएं होती हैं जिसमें महिलाओं को कबीले या परिवार की इज़्ज़त के नाम पर मार डाला जाता है. इस तरीके से साल भर में पाकिस्तान में कई महिलाएं मारी जाती हैं. सरकार के नए क़ानून के अनुसार ऐसी हत्याओं के दोषियों को मौत की सज़ा दी जा सकेगी. इस तरह की घटनाओं में महिलाओं पर परिवार की मर्ज़ी के बगैर शादी करने या शादी से पहले यौन संबंध बनाने जैसे आरोप लगाए जाते हैं. कई मामलों में अगर किसी महिला का बलात्कार किया जाता है तो उसे भी सम्मान के नाम पर उसके परिवार वाले ही मार डालते हैं. ये अपराध ख़ास तौर पर क़बीलाई इलाकों में अधिक होते हैं और किसी को सज़ा नहीं होती. पहले भी इसे रोकने के लिए कानून थे मगर सख्त नहीं थे. हालांकि कई महिला संगठनों का अभी भी यही कहना है कि नए क़ानून में महिलाओं की पूरी तरह से रक्षा नहीं हो सकेगी. पाकिस्तान मानवाधिकार संगठन की प्रमुख कामिला हयात ने रायर्टस समाचार एजेंसी से कहा " क़ानून में अभी भी प्रावधान है कि अदालत से बाहर सुलह हो सके. ज़ुर्माना देकर बचा जा सके. ऐसे में महिलाएं मरती रहेंगी और हत्यारे पैसे देकर खुले घूमते रहैंगे" |
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