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भारतीय महिला को पाक नागरिकता मिली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान सरकार ने आख़िरकार उस भारतीय महिला को नागरिकता देने का फ़ैसला किया है जिसने इस्लाम क़बूल करके एक पाकिस्तानी नागरिक से शादी की थी. 25 वर्षीय हफ़्सा अमान एक डॉक्टर हैं और पिछले साल इस्लाम क़बूल करने से पहले तक दिव्या दयानंदन थीं. वह मूल रुप से केरल की रहने वाली हैं अमान ख़ान से उनकी मुलाक़ात उक्रेन विश्वविद्यालय में 2002 में हुई थी. दिव्या ने पाकिस्तान जाकर इस्लाम कबूल कर लिया फिर अमान ख़ान से शादी कर ली थी. लेकिन पाकिस्तान सरकार ने उन्हें नागरिकता देने से इनकार कर दिया था और इस साल मार्च में उनका वीज़ा समाप्त हो जाने के बाद उन्हें देश से बाहर भेजने पर विचार किया जा रहा था. लेकिन उन्होंने भारत वापस जाने से इनकार कर दिया था और पश्चिमोत्तर प्रांत के पेशावर में एक अदालत में इसके ख़िलाफ़ याचिका दायर की थी. दिव्या उर्फ़ डॉक्टर हफ़्सा ने अदालत से देश में रहने की इजाज़त माँगी थी. डॉक्टर हफ़्सा ने अपने पहले बच्चे को पिछले महीने ही जन्म दिया है. अब जब पाकिस्तान सरकार ने उन्हें नागरिकता देने का फ़ैसला कर लिया है तो उन्होंने इस फ़ैसला का स्वागत करते हुए अदालत में अपनी याचिका वापस लेने की मंशा ज़ाहिर की है. हालाँकि उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार अगर चाहती तो यह फ़ैसला काफ़ी पहले लेकर उन्हें मानसिक प्रताड़ना से बचा सकती थी. डॉक्टर हफ़्सा को नागरिकता देने का फ़ैसला राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और भारतीय प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह की न्यूयॉर्क में हुई मुलाक़ात के मौक़े पर आया है. |
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