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गोधरा कांड की नए सिरे से जाँच होगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने गोधरा रेल अग्नि कांड की जाँच नए सिरे से कराने की घोषणा की है और यह जाँच सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत न्यायाधीश यूसी बनर्जी करेंगे. रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने जाँच के बारे में कहा, "रेल मंत्रालय ने 2002 में गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में आग लगने की घटना की उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दिए थे. मंत्रिमंडल ने आज उसको स्वीकृति दे दी." गुजरात के गोधरा में फ़रवरी 2002 में एक रेलगाड़ी एक भीड़ ने आग लगा दी थी जिसमें 59 लोग मारे गए थे. भीड़ ने साबरमती एक्सप्रेस के उस कोच में आग लगा दी थी जिसमें अयोध्या से लौट रहे हिंदू तीर्थ यात्री सवार थे. इस कांड के बाद पूरा गुजरात सांप्रदायिक दंगों की चपेट में आ गया था. दंगों में दो हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए थे. मारे गए लोगों में ज़्यादातर मुसलमान थे. गोधरा कांड की जाँच में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश यूसी बनर्जी की सहायता सहायता तीन विशेषज्ञ करेंगे जो कि इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग और अग्निशमन सेवा से संबंधित होंगे. सरकार ने नई जाँच समिति को तीन महीने में रिपोर्ट देने को कहा है. ग़ौरतलब है कि रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने कार्यभार संभालते ही गोधरा कांड की नए सिरे से जाँच की ज़रूरत बताई थी. यादव ने भारतीय जनता पार्टी की अगुआई वाली पूर्व केंद्र सरकार पर पर्याप्त जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया था. |
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