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बांग्लादेश में हड़ताल का व्यापक असर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश की मुख्य विपक्षी पार्टी अवामी लीग ने अपनी पार्टी की एक रैली पर हुए हमले के विरोध में मंगलवार और बुधवार को पूरे देश में हड़ताल बुलाई है. हड़ताल के कारण ढाका समेत इराक़ के कई अन्य शहरों में जनजीवन पर ख़ासा असर पड़ा है. शनिवार को ढाका में हुई रैली पर हथगोलों से हमले किए गए थे जिसमें 20 लोग मारे गए थे. पार्टी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना इस हमले में बाल-बाल बच गई थीं. मगर पार्टी की एक वरिष्ठ नेता आइवी रहमान ने विस्फोट में घायल होने के बाद दम तोड़ दिया है. विस्फोट के बाद से ही बांग्लादेश में विपक्ष ने विरोध शुरू कर दिया है और ये विरोध कहीं-कहीं आक्रामक भी रहा है. विपक्ष का आरोप है कि बांग्लादेश की बेग़म ख़ालिदा ज़िया सरकार विपक्ष के महत्वपूर्ण नेताओं को सुरक्षा दे पाने में नाकाम रही है. हड़ताल का असर
विपक्ष की बुलाई हड़ताल के बाद राजधानी ढाका में काम-काज ठप पड़ गया है. ढाका से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बांग्लादेश में अधिकतर जगहों पर सड़कें सुनसान नज़र आ रही हैं. कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुई हैं जिसमें कई लोग घायल भी हुए हैं. चटगाँव और अन्य कुछ शहरों में भी बंद का असर देखा गया है. हड़ताल को ध्यान में रखकर पूरे बांग्लादेश में सुरक्षाबलों को चौकस कर दिया गया है. पुलिस का कहना है कि उन्हें हिंसा को रोकने के लिए हर तरह के क़दम उठाने के आदेश दिए गए हैं. विपक्ष के समर्थकों ने शनिवार के हमले के बाद पूरे देश में जगह-जगह उग्र प्रदर्शन किए थे. कई जगहों पर वाहन जला दिए गए थे. एक रेलगाड़ी के डिब्बों में भी आग लगा दिए गए थे. |
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