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स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ के समारोहों के लिए तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं. जम्मू-कश्मीर और देश के पूर्वोत्तर इलाक़ों से अलगाववादियों की ओर से स्वतंत्रता दिवस समारोह के बहिष्कार की धमकियों के चलते राजधानी दिल्ली सहित अन्य संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे तथा शहर के ख़ास-ख़ास इलाक़ों में चौकसी बढ़ा दी गई है. लाल क़िले के मुख्य समारोह स्थल के आसपास कड़ी निगरानी रखी जा रही है जहाँ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राष्ट्रीय झंडा लहराएँगे. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार संवेदनशील इलाक़ों में दिल्ली पुलिस के साढ़े पाँच हज़ार जवान और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के 10000 अधिकारी तैनात किये गए हैं. एजेंसी का कहना है कि भारतीय समय के अनुसार सुबह पाँच बजे से लेकर दस बजे तक दिल्ली के आसमान पर किसी उड़ान को अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके अलावा लाल क़िले पर ध्वजारोहण समारोह के दौरान सुरक्षा अधिकारी दो हेलिकॉप्टरों से हवाई निगरानी करेंगे. दिल्ली पुलिस के उपायुक्त वीके गुप्ता ने बीबीसी को बताया कि लाल क़िले के समारोह स्थल पर हर आने-जाने वाले की तलाशी का इंतज़ाम किया गया है जिससे कोई भी आपत्तिजनक वस्तु अंदर न जाने पाए. संवदेनशील राज्य उधर जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बख़्शी स्टेडियम में भी सुरक्षा के भारी इंतज़ाम किए गए हैं.
बीबीसी संवाददाता ज्योत्स्ना सिंह के अनुसार श्रीनगर में इस मौक़े पर चरमपंथी हमलों की आशंकाओं के चलते लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे. असम के अलगाववादियों ने भी इस मौक़े पर आम हड़ताल का आह्वान किया है. स्वतंत्रता दिवस की पूर्वसंध्या पर राज्य में पहले ही धमाके हो चुके हैं जिनमें कुछ लोगों के घायल होने की ख़बर है. इसके अलावा मणिपुर में भी तनाव को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है. |
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