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पाँच युवकों की आत्मदाह की कोशिश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में पाँच युवकों ने राज्य के मुख्यमंत्री ओकरम इबोबी सिंह के दफ़्तर के सामने ख़ुद को आग लगाकर आत्मदाह करने की कोशिश की है. उन्होंने ऐसा एक विशेष क़ानून का विरोध करने के लिए किया जिसके तहत सुरक्षा बलों को व्यापक अधिकार मिल गए हैं. इन बुरी तरह झुलसे हुए युवकों को हस्पताल ले जाया गया है जहाँ डॉक्टरों का कहना है कि वे ख़तरे से बाहर हैं. मणिपुर में हज़ारों लोग कर्फ़्यू के बावजूद इस क़ानून को ख़त्म करने की माँग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं. वे अर्धसैनिक बल असम राइफ़ल्स के सैनिकों को सज़ा दिए जाने की भी माँग कर रहे हैं जिनपर एक तीस वर्षीय महिला का बलात्कार और हत्या का आरोप है. मणिपुर के 16 स्वयंसेवी संगठनों ने अपना अभियान रोकने से इनकार कर दिया है. उधर आत्मदाह करने से पहले मणिपुर फॉर्वर्ड यूथ फ़्रंट के नवयुवकों ने विशेष क़ानून के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की. इससे पहले कई मणिपुरी महिलाओं ने इम्फ़ाल में निर्वस्त्र होकर बलात्कार की घटना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया. उस समय भारत के गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जयस्वाल ने घोषणा की थी कि उस इलाक़े के असम राइफ़ल्स को वापस बुला लिया जाएगा और दोषियों के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाया जाएगा. उन्होंने ये भी कहा था कि इस विषय में 15 अगस्त तक पुनर्विचार होगा कि क्या नया क़ानून मणिपुर में जारी रहेगा. |
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