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भारत से दोस्ताना रिश्तों पर ज़ोर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चौधरी शुजात हुसैन ने भारत और पाकिस्तान के बीच दोस्ती पर ज़ोर दिया है. इस्लामाबाद में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन सार्क के विदेश मंत्रियों की बैठक में शुजात हुसैन ने यह बात कही. इस बैठक में भाग लेने के लिए भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह भी पहुँचे हुए हैं. मंगलवार को बैठक का उदघाटन करते हुए शुजात हुसैन ने सात सदस्यीय सार्क के विदेश मंत्रियों से कहा कि भारत के साथ कश्मीर समेत तमाम द्विपक्षीय मुद्दों को सुलझाने के लिए पाकिस्तान हरसंभव प्रयास कर रहा है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं सार्क के सभी सदस्य देशों के साथ-साथ पूरी दुनिया को भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि भारत के साथ शांति की राह पर चलने के लिए पाकिस्तान कटिबद्ध है." विदेश मंत्रियों की बैठक में क्षेत्र में ग़रीबी घटाने के मुद्दे पर बातचीत हो रही है. हालांकि इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता पॉल एंडरसन के अनुसार बैठक के दौरान सबसे ज़्यादा दिलचस्पी भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की संभावित बातचीत में देखी जा रही है. भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह और पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी पहले भी दो बार मिल चुके हैं. अमन का संदेश इससे पहले भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, "मैं अमन का संदेश लेकर आया हूँ. मैं पाकिस्तानी विदेश मंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ से मिलने के लिए उत्सुक हूँ." विदेश मंत्री के इस बयान को पाकिस्तान में हाथों-हाथ लिया गया और उनके सकारात्मक रूख़ की ख़बरें मंगलवार को पाकिस्तानी अख़बारों में छाई रही. समाचार एजेंसियों के अनुसार भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय बातचीत में कश्मीरी नेताओं को विदेश जाने की अनुमति देने के मुद्दे पर बात होने की संभावना है. हालाँकि भारत का कहना है कि हुर्रियत नेताओं के साथ बातचीत दोबारा शुरू होने के बाद ही इस मसले पर कोई फैसला लिया जाएगा. इसके अलावा पाकिस्तान भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर में बंदी राजनीतिक कैदियों को छुड़ाने की बात उठा सकता है जबकि भारत अपने सैनिकों को रिहा कराए जाने का मुद्दा उठाएगा. साथ ही जम्मू-कश्मीर में सैन्य तैनाती का स्तर घटाने का मुद्दा भी फिर उठने की संभावना है. |
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