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करगिल मामले में जाँच से इनकार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री चौधरी शुजात हुसैन ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुई करगिल भिड़ंत के बारे न्यायिक जाँच करवाने से इनकार कर दिया है. पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के समर्थन वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग के चेयरमैन राजा ज़फ़रुल हक़ ने इस विषय में जाँच की माँग की थी. उनके अनुसार करगिल कार्रवाई ही सेनिक तख़तापलट का मुख्य कारण बनी. लाहौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अंतरिम प्रधानमंत्री चौधरी शुजात हुसैन ने तब के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और सेनाध्यक्ष जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के बीच हुई बैठक का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि जनरल मुशर्रफ़ ने प्रधानमंत्री को विस्तारपूर्वक जानकारी दी थी और छह दिन की लड़ाई का पूरा ब्योरा दिया गया था. एक सवाल के जवाब में चौधरी शुजात ने कहा, "जाँच आयोग का क्या काम होता है? वह सबूत एकत्र करता है. मैने आपको सबूत दिया है. यदि पाकिस्तान मुस्लिम लीग इससे इनकार करती है तो बात आगे बढ़ाई जा सकती है वर्ना मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डालने से क्या फ़ायदा?" चौधरी शुजात हुसैन ने मीर ज़फ़रुल्ला ख़ान जमाली के प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद ये कार्यभार संभाला है और वे अगले प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ के कार्यभार संभालने तक इस पद पर रहेंगे. |
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