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बुधवार, 14 जुलाई, 2004 को 10:45 GMT तक के समाचार
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फ़र्नांडिस मामलाः अमरीका ने माफ़ी माँगी
जॉर्ज फ़र्नांडिस
जॉर्ज फ़र्नांडिस का कहना है कि अब वह अमरीका नहीं जाएँगे
अमरीका के विदेश उपमंत्री रिचर्ड आर्मिटेज ने पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फ़र्नांडिस की अमरीका में दो बार तलाशी के मामले में उनसे माफ़ी माँगी है.

भारत की दो दिवसीय यात्रा पर पहुँचे आर्मिटेज ने कहा, "रास्ते में ही यहाँ कार में मैंने अपने दोस्त जॉर्ज फ़र्नांडिस को फ़ोन किया और उन्हें बताया कि ये सुनकर मैं सकते में आ गया और मैं इसके लिए माफ़ी माँगता हूँ."

उल्लेखनीय है कि अमरीका के पूर्व विदेश उपमंत्री स्ट्रोब टॉलबोट ने हाल ही में प्रकाशित अपनी एक किताब में ये लिखा था कि अमरीका में प्रवेश करते समय फ़र्नांडिस की जामातलाशी हुई थी.

 रास्ते में ही यहाँ कार में मैंने अपने दोस्त जॉर्ज फ़र्नांडिस को फ़ोन किया और उन्हें बताया कि ये सुनकर मैं सकते में आ गया और मैं इसके लिए माफ़ी माँगता हूँ
रिचर्ड आर्मिटेज

किताब में टॉलबोट ने कहा कि फ़र्नांडिस ने उन्हें बताया था कि अमरीका में प्रवेश करते और निकलते समय उनकी दो बार जामातलाशी हुई.

इस संबंध में जॉर्ज फ़र्नांडिस ने कहा है,"मुझसे पहले कोट खोलने के लिए कहा गया. मैंने वह किया. उन्होंने जूते-मोज़े उतारने को कहा. मैंने वह भी किया. फिर उन्होंने मुझसे बाँहें फैलाने को कहा और मेरे बदन की तलाशी ली".

फ़र्नांडिस ने इसके बाद कहा है कि वह फिर अमरीका नहीं जाएँगे.

माफ़ी

 मुझसे पहले कोट खोलने के लिए कहा गया. मैंने वह किया. उन्होंने जूते-मोज़े उतारने को कहा. मैंने वह भी किया. फिर उन्होंने मुझसे बाँहें फैलाने को कहा और मेरे बदन की तलाशी ली
जॉर्ज फ़र्नांडिस

इससे पहले दिल्ली स्थित अमरीका के दूतावास ने बुधवार को माना कि फ़र्नांडिस की यात्रा के दौरान कुछ 'राजनयिक प्रक्रियाओं' का पालन नहीं हुआ था और इसके लिए फ़र्नांडिस से माफ़ी माँग ली गई है.

अमरीकी दूतावास की प्रवक्ता आरती सिंह ने बीबीसी को बताया, "अमरीका में एक प्रक्रिया है जिसके तहत राष्ट्राध्यक्षों, शासनाध्यक्षों, सरकारी मंत्रियों या राजनयिकों के लिए ऐसी प्रक्रियाएँ लागू नहीं होतीं बशर्ते कि अधिकारियों को पहले से सूचित कर दिया जाए."

प्रवक्ता के अनुसार अभी ये स्पष्ट नहीं है कि उस समय ये प्रक्रियाएँ लागू क्यों नहीं हुईं.

प्रवक्ता ने कहा कि मंत्री की जामातलाशी नहीं हुई मगर मेटल डिटेक्टर से होकर गुज़रने के बाद उनकी जेब में चाबी होने की वजह से उनकी थोड़ी और तलाशी हुई थी.

उस समय अमरीका में भारत के राजदूत ललित मानसिंह का इस बारे में कहना है, "मैंने सुरक्षा अधिकारियों से इस पर विरोध जताया कि उनकी जाँच नहीं होनी चाहिए क्योंकि वह अमरीका सरकार के मेहमान हैं मगर साथ के सुरक्षाकर्मी ये कहकर हट गए कि उन्हें हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है."

उन्होंने कहा, "भारत के रक्षा मंत्री कोई बम लेकर नहीं घूम रहे थे. उनकी तलाशी की कोई ज़रूरत नहीं है."

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