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डिब्बे पटरी से उतरे, 14 लोग मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मैंगलोर से मुंबई जा रही मत्स्यगंधा एक्सप्रेस के डिब्बे बुधवार को सुबह एक पुल पर पटरी से उतर गए. इस दुर्घटना में कम से कम 14 लोगों के मारे जाने और 115 लोगों के घायल होने की ख़बर है. रेल अधिकारियों के अनुसार यह दुर्घटना मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर रायगढ़ ज़िले में वीर और कारांजड़ी स्टेशन के बीच सुबह छह बजे हुई. रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने मारे गए लोगों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए देने की घोषणा की है. दुर्घटना के समय यादव कोलकाता में थे और वह सभी कार्यक्रम रद्द करके दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हो रहे हैं. ट्रेन के 10 डिब्बे पटरी से उतर गए. ख़बर है कि दो डिब्बे अभी भी पुल से नीचे लटक रहे हैं और उसमें कई यात्री फँसे हुए हैं. आशंका है कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है. हताहतों को पास के महाड सिविल अस्पताल ले जाया गया है. रेल विभाग के सहायताकर्मी दुर्घटना स्थल पर पहुँच गए हैं. दो ट्रेनें सहायता के सामानों के साथ वहाँ के लिए रवाना कर दी गई हैं. कोंकण रेलवे के डिविज़नल महाप्रबंधक आशीष आप्टे के अनुसार पुल से पहले पटरियों में दरार होने की वजह से ये दुर्घटना हुई. इसके अलावा पटरी पर पत्थर भी थे.
अधिकारियों का कहना है कि इलाक़े में दो दिनों से हो रही बारिश की वजह से पत्थर धँसककर पटरी पर आ गिरे. रेल मंत्री के अनुसार लगातार हो रही बारिश की वजह से बड़े पत्थर रेल पटरियों पर आ गिरे. उन्होंने बताया कि कोंकण रेलवे ने 76 ऐसी जगहों की पहचान की है जहाँ से भू-स्खलन हो सकता है और उन्हें रोकने के लिए काफ़ी पैसा भी ख़र्च किया जा रहा है. यादव ने बताया कि रेल सुरक्षा और उसका आधुनिकीकरण उनकी प्राथमिकता है. महत्वाकांक्षी कोंकड़ रेल पर यह एक साल के भीतर दूसरी बड़ी दुर्घटना है. पिछसे साल कोंकड़ रेलवे पर हुए एक हादसे में कम से कम 51 लोग मारे गए थे. |
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