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त्रिपुरा में 24 व्यापारियों का अपरहण | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में नेशनल लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ त्रिपुरा (एनएलएफ़टी) के चरमपंथियों ने 24 लोगों का अपरहण कर लिया है. पुलिस का कहना है कि इन व्यापारियों का अपहरण उस समय किया जब वे बाज़ार जा रहे थे. क़रीब 40 व्यापारी दो ट्रकों में जा रहे थे जब प्रतिबंधित संगठन एनएलएफ़टी के चरमपंथियों ने उन्हें रोक लिया. इनमें से ज़्यादातर व्यापारी बंगाली थे. त्रिपुरा के पुलिस प्रमुख जीएम श्रीवास्तव ने बीबीसी को बताया कि व्यापारियों को लूटा गया और उनमें से कई का अपहरण कर लिया गया. 12 व्यापारी किसी तरह भागने में सफल रहे. चरमपंथी उन्हें मिज़ोरम में अपने ठिकाने पर ले जा रहे थे. पुलिस प्रमुख ने बताया की एनएलएफ़टी इस घटना के पीछे है जिसका नेतृत्व विश्वमोहन देव वर्मा कर रहे हैं. पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियाँ मौक़े पर पहुँच गईं हैं और गश्त जारी है. पिछले महीने क़रीब 72 चरमपंथियों ने सरकार के सामने हथियार डाल दिए थे. 1980 की जातीय हिंसा के बाद से ही त्रिपुरा में चरमपंथी घटनाएँ जारी हैं. |
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