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नरेंद्र मोदी को कुछ राहत मिली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात में भाजपा के असंतुष्ट विधायकों का सामना कर रहे मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से सहारा मिलने से कुछ राहत मिली है. भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने असंतुष्ट विधायकों को आदेश दिया है कि वे अख़बारों में बयानबाज़ी करने से गुरेज़ करें. इस विषय में पार्टी अध्यक्ष वेंकैया नायडु ने विधायकों से कहा है कि वे गुजरात में विधानसभा सत्र के दौरान स्थानीय नेतृत्व से सहयोग करें. उधर पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरेश मेहता ने भी कहा है कि उनकी पार्टी नेताओं से इस विषय में कोई बात नहीं हुई है. उनका कहना है कि कुछ विधायकों के एक नेता के जन्मदिन समारोह में शामिल होने को बगावत के रूप में नहीं देखना चाहिए. माना जाता है कि अधिकतर असंतुष्ट विधायक पूर्व मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल के समर्थक हैं. बीबीसी संवाददाता राजीव खन्ना का कहना है कि सार्वजनिक तौर पर बगावत करने वाले नेता पुरुषोत्तम सोलंकी को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है. दूसरी ओर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन कर रहे विधायक पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मिलने दिल्ली रवाना हो गए हैं. गुजरात में राजनीतिक खींचतान का सिलसिला सोमवार को शुरु हुआ जब विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री मोदी के नेतृत्व पर आस्था जताने का प्रस्ताव पारित नहीं हो सका. |
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