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मंगलवार, 11 मई, 2004 को 12:35 GMT तक के समाचार
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शहबाज़ शरीफ़ को देश से बाहर निकाला
पाकिस्तान सुरक्षा बल
शहबाज़ शरीफ़ की आमदगी के अवसर पर कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के भाई और विपक्षी नेता शहबाज़ शरीफ़ मंगलवार को अपने देश वापस लौटे लेकिन उनका हवाई जहाज़ लाहौर हवाई अड्डे पर उतरने के कुछ ही देर बाद उन्हें देश से बाहर भेज दिया गया.

वे पिछले तीन साल से भी अधिक समय से देश से बाहर थे और निर्वासन का जीवन बिता रहे थे. मंगलवार को वे अबूधाबी के रास्ते को पाकिस्तान पहुँचे थे.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद के हवाले से कहा है कि शहबाज़ शरीफ़ पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के एक विमान में सऊदी अरब के शहर जद्दाह के लिए रवाना कर दिए गए हैं.

पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में एक फ़ैसले में कहा था कि शहबाज़ शरीफ़ पाकिस्तान में रहने का पूरा हक़ है जिसके बाद शरीफ़ स्वदेश वापस लौटे थे.

समाचार एजेंसी एएफ़पी ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से कहा है कि शहबाज़ शरीफ़ ने अपनी ख़राब तबियत के आधार पर लाहौर में ही ठहरने की इजाज़त देने की गुज़ारिश की थी.

अधिकारी ने कहा, "उन्होंने कहा कि ख़राब स्वास्थ्य की वजह से वह वापस जद्दाह की यात्रा करने के लायक़ नहीं हैं इसलिए उन्हें यहाँ ठहरने की इजाज़त दे दी जाए लेकिन हमने उनके अनुरोध को नामंज़ूर कर दिया."

सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने कहा कि उनकी स्वास्थ्य संबंधी शिकायत के बाद डॉक्टरों का एक दल उनके साथ रवाना किया गया.

ध्यान देने की बात है कि नवाज़ शरीफ़ के अन्य परिजन भी सऊदी अरब में ही राजनैतिक निर्वासन का जीवन व्यतीत कर रहे हैं.

समाचार एजेंसी एपी का कहना है कि शहबाज़ शरीफ़ के स्वागत के लिए एकत्र हुए लोगों पर भी सख़्ती बरती गई.

लाहौर में शहबाज़ शरीफ़ के स्वागत की ज़ोरदार तैयारी की गई थी और दूर-दूर से उनकी पार्टी के समर्थक लाहौर पहुँचे थे.

शहबाज़ शरीफ़ की वापसी से ठीक पहले उनके बेटे हमज़ा शरीफ़ को लाहौर में गिरफ़्तार कर लिया गया था.

शहबाज़ शरीफ़ (दाएं)

लंदन से रवाना होने से पहले शहबाज़ शरीफ़ ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान में उनकी पार्टी, मुस्लिम लीग (नवाज़ गुट) के लोगों को परेशान किया जा रहा है.

लाहौर में सुरक्षा के सख़्त इंतज़ाम किए गए और शहर के प्रवेश मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बलों को तैनात किया गया.

शहबाज़ शरीफ़ की पार्टी के एक प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी के समर्थकों को लाहौर में एक रैली में आने से रोका गया.

तैयारी

शहबाज़ शरीफ़ के समर्थकों को पहले लाहौर में नीला गुंबद नाम की जगह पर जमा होना था जिसके बाद वे 20 किलोमीटर का रास्ता तय कर लाहौर के अल्लामा इक़बाल एयरपोर्ट पहुँचे.

विपक्षी नेता के स्वागत के लिए केवल उनकी पार्टी ही नहीं बल्कि उनकी विरोधी रही, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता भी आगे आए.

दोनों ही पार्टियाँ पाकिस्तान में विपक्षी गठबंधन अलायंस फ़ॉर रेस्टोरेशन ऑफ़ डेमोक्रेसी (एआरडी) की घटक हैं.

उनके स्वागत के लिए पीएमएल (नवाज़) के चेयरमैन ज़फ़रूल हक़ और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ नेता मख़दूम अमीन फ़हीम के अतिरिक्त और भी कुछ नेता अबूधाबी गए जहाँ से वे उनके साथ पाकिस्तान लौटे.

चुनौती

बीबीसी के इस्लामाबाद संवाददाता का कहना है कि शहबाज़ शरीफ़ के देश लौटने पर अपना आधार मज़बूत करने की राष्ट्रपति मुशर्रफ़ और उनकी समर्थक सरकार की कोशिशों को नुक़सान पहुँच सकता है.

शहबाज़ शरीफ़
शहबाज़ की वापसी पर उत्साह तो था

शहबाज़ शरीफ़ पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के भाई हैं और वे पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रह चुके हैं.

परवेज़ मुशर्रफ़ ने अक्तूबर 1999 में नवाज़ शरीफ़ को हटाकर सत्ता हथिया ली थी जिसके बाद नवाज़ शरीफ़ के परिवार के अधिकतर सदस्यों को निर्वासित करके सऊदी अरब भेज दिया था.

उनके कुछ सदस्यों ने देश लौटने की कोशिश की मगर उन्हें पहुँचते ही वापस लौटा दिया गया.

पिछले वर्ष पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट ने एक फ़ैसला सुनाया कि नागरिकों के अपने देश वापस लौटने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जा सकती है जिसके बाद शहबाज़ शरीफ़ की वापसी की चर्चा शुरू हुई थी.

मगर अदालत ने ये भी कहा था कि चूँकि शहबाज़ शरीफ़ के ख़िलाफ़ कई मुक़दमे चल रहे हैं इसलिए उनको लौटते ही गिरफ़्तार किया जा सकता है.

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