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बांग्लादेश में तूफ़ान से 66 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तरी बांग्लादेश में बुधवार रात आए तूफ़ान के बाद राहत और बचाव कार्य ज़ोरों पर है. इस तूफ़ान में कम से कम 66 लोगों के मारे जाने और क़रीब एक हज़ार लोगों के घायल होने की ख़बर है. मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है. देश के मेमनसिंह और नेत्रोकोना ज़िले में डॉक्टरों की टीम भेजी गई है. प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया और विपक्ष की नेता शेख़ हसीना ने भी प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया. प्रभाव बुधवार रात को आए इस तूफ़ान में कम से कम 12 गाँव प्रभावित हुए हैं. हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं और तेज़ हवा और भारी बारिश के कारण उनके मकान बह गए. नेत्रोकोना में एक सरकारी अधिकारी प्रशांत कुमार दास ने समाचार एजेंसी रॉयटर को बताया, "कई गाँव पूरी तरह तबाह हो गए हैं. लोग अभी भी इस त्रासदी को भूल नहीं पाए हैं." हालाँकि यह तूफ़ान कुछ मिनटों तक ही रहा लेकिन इसने क़रीब डेढ़ हज़ार घरों को तबाह कर दिया. ढाका में अधिकारियों का कहना है कि नक़द सहायता के अलावा लोगों को भोजन और चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है. आसपास के अस्तपालों में बड़ी संख्या में घायल लोगों को भर्ती कराया गया है. |
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