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'मुशर्रफ़ ने समयसीमा की बात नहीं कही' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कश्मीर पर वार्ता के लिए कोई समयसीमा की बात नहीं कही थी. पाकिस्तान टीवी पर बात करते हुए मसूद ख़ान ने कहा कि राष्ट्रपति ने भारत के साथ बातचीत के लिए समयसीमा के बारे में कोई ज़िक्र ही नहीं किया. उन्होंने ऐसी ख़बरों को आधारहीन कहा. मसूद ख़ान ने कहा कि मुशर्रफ़ ने समयसीमा शब्द का इस्तेमाल ही नहीं किया. मसूद ख़ान ने कहा कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ यही कहना चाह रहे थे कि पाकिस्तान और भारत को कश्मीर मसले के हल के लिए आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले महीने दोनों देशों के विदेश सचिवों की बैठक में तय कार्यक्रम के अनुसार दोनों विदेश सचिव मई या जून में फिर मिलेंगे और विदेश मंत्रियों की बैठक का एजेंडा तय किया जाएगा. विदेश मंत्रियों की बातचीत अगस्त में होनी है. मसूद ख़ान ने कहा कि दरअसल राष्ट्रपति मुशर्रफ़ हल के लिए ऐसी बातचीत के लिए आगे आने की बात कह रहे थे जिससे नतीजा निकल सके. |
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