| होली 'ख़ास' लोगों की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में होली इस वर्ष मनाई तो आम घरों में गई मगर आम लोगों की होली तो आम ही रही. ख़ास रही होली राजनेताओं व फ़िल्मवालों की, जिनकी होली ने पूरे देश में तमाम मीडिया में सुर्खियां बटोरीं. 7, रेसकोर्स रोड.. दिल्ली में एक मजमा लगा यहाँ जो भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का आवास है. तो 10, जनपथ रोड भी कहाँ पीछे रहनेवाला था..विपक्षी नेता सोनिया गाँधी के घर भी जवाबी होली खेली गई. और मुंबई में प्रतीक्षा, जुहू तारा रोड, अंधेरी वेस्ट पर अमिताभ बच्चन के घर की इस बार की होली की ज़बरदस्त धूम रही. संदेशे
वाजपेयी जी ने अपने सहकर्मियों के साथ होली खेली तो उधर सोनिया गाँधी के घर उनकी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता रंग और गुलाल लिए जुटे रहे. रंग-बिरंगे भारतीय प्रधानमंत्री ने होली के मौक़े पर अपना पैग़ाम कुछ यों रखा,"पूरे देश में शांति होनी चाहिए. होली रंगों के साथ खेली जाती है ना कि रक्त के साथ". मगर होली के रंग के साथ भारत में चुनाव का रंग भी तो ज़ोर पकड़ रहा है और वाजपेयी इसे भी नहीं भूले. उन्होंने कहा,"चुनाव आपको बदलाव का मौक़ा देते हैं मगर बदलाव भी ऐसा होना चाहिए जो जनता की आकांक्षाओं को पूरा कर सके". उधर होली पर काँग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी भी लाल-पीली हो गईं मगर होली के दिन भी 'दुश्मनी' को ताक पर रखना उन्हें मंज़ूर नहीं था. एक पत्रकार ने सवाल किया..क्या अटल जी और आडवाणी जी के साथ भी होली खेलेंगी? सोनिया ने बिना किसी लाग-लपेट के सीधे जवाब दिया,"नहीं". वैसे भारत के राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम ने अपनी होली अलग अंदाज़ में मनाई. उन्होंने होली मनाई मानसिक तौर पर कमज़ोर बच्चों के साथ और इसमें रंग और गुलाल नही बल्कि फूलों का लेन-देन हुआ. बच्चन की होली राजनेताओं की होली के साथ-साथ भारत में एक और वीआईपी होली का रंग छाया रहा. ये होली थी उस गंगा किनारेवाले छोरे की जिसके 'रंग बरसे भीगे चुनरवाली...' के बिना होली अधूरी-सी लगती है. अमिताभ बच्चन के घर 'प्रतीक्षा' पर इस बार रंग के साथ फ़िल्मी दुनिया के सितारों की भी बरसात हो गई. पाँच साल बाद बच्चन परिवार ने होली मनाई..पिछले वर्ष पिता हरिवंशराय बच्चन के निधन और इसके पहले कई और जटिलताओं के कारण बच्चन परिवार के घर होली नहीं मनाई जा सकी थी. मगर इस बार 'बिग बी' ने एक नए सिरे से होली की शुरूआत की. आख़िर पिछले वर्ष उन्होंने अपने ऊपर चढ़े 90 करोड़ रूपए का कर्ज़ चुकता कर अपनी कंपनी एबीसीएल को फिर से जीवन ही नहीं दिया बल्कि होली मनानेवालों को होली का एक नया गीत भी तो दिया. इस बार होली पर 'रंग बरसे भीगे चुनरवाली के सा...' के साथ ही 'होरी खेले रघुवीरा अवध में, होरी खेले रघुवीरा...' भी उतने ही उत्साह से बजता सुनाई दिया. |
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