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अंतरिक्ष कार्यक्रम पर असर नहीं: इसरो | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र में आग लगने के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) के अध्यक्ष माधवन नायर ने कहा है कि इससे देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम पर असर नहीं पड़ेगा. समाचार माध्यमों के अनुसार उनका कहना है, "प्राथमिक जाँच से लगता है कि ये एक दुर्घटना है जो अचानक आग लगने से हुई." उनका कहना है कि ऐसा लगता है कि आग किसी ग़लती के कारण लगी न कि किसी षड्यंत्र के तहत. इस घटना की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं. इसमें कम-से-कम छह लोग मारे गए थे. यह आग श्रीहरिकोटा स्थित 'सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र' के उस स्थान पर लगी जहाँ ठोस ईंधन वाले मोटर बनाए जाते हैं. दुर्घटना में छह लोगों की मौत के अलावा तीन लोग घायल भी हुए हैं जिन्हें चेन्नई के एक अस्पताल में पहुँचाया गया है. श्रीहरिकोटा आंध्र प्रदेश के तट के पास एक छोटा-सा द्वीप है. यह केंद्र भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का मुख्य प्रक्षेपण स्थल है और इसे भारतीय, जर्मन और कोरियाई उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए काम में लाया जा चुका है. इसरो का कहना है कि आने वाले दिनों में होने वाले सभी प्रक्षेपण अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे. |
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