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कल्याण सिंह भाजपा में लौटे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह फिर से भारतीय जनता पार्टी में चले गए हैं. कल्याण सिंह को 1999 के लोकसभा चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी से निकाल दिया गया था. पार्टी से निकलकर कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय क्रांति पार्टी गठित की थी. मंगलवार को दिल्ली में उनकी वापसी की घोषणा के लिए बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में भाजपा अध्यक्ष वेंकैया नायडू और कल्याण सिंह के अलावा उत्तर प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष विनय कटियार भी मौजूद थे. पार्टी नेता लालजी टंडन और कलराज मिश्र भी उपस्थित थे. अपनी वापसी के बारे में कल्याण सिंह ने कहा, "बुज़ुर्गों का कहना है कि हर काम का वक़्त होता है. मैं दो चीज़ें माँगने आया हूँ, क्षमा और आशीर्वाद." बढ़ती नज़दीकी कल्याण सिंह ने भाजपा वापसी के ऐलान से पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और भाजपा अध्यक्ष वेंकैया नायड़ू से मुलाक़ात की. पिछले कुछ अर्से से कल्याण सिंह की भारतीय जनता पार्टी से नज़दीकी बढ़ती जा रही थी. पिछले वर्ष 25 दिसंबर को उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनके जन्मदिन पर दिल्ली जाकर बधाई भी दी थी. भाजपा नेतृत्व ने शायद ये सोचकर कल्याण सिंह का हाथ थामा है कि इससे आगामी लोकसभा चुनाव में उन्हें लाभ होगा. उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 81 सीटें हैं और पिछली बार पार्टी यहाँ केवल 29 सीटें ले पाई थी. छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद के ढहाए जाने की घटना के वक्त कल्याण सिंह ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. मंगलवार को ही समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता और लोकसभा सांसद बलराम सिंह यादव भी कल्याण सिंह के साथ ही पार्टी में वापस आ गए हैं. |
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