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कड़ी सुरक्षा के बीच गणतंत्र दिवस संपन्न
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और रंगा-रंग कार्यक्रम के बीच देश का पचपनवाँ गणतंत्र दिवस शांतिपूर्वक संपन्न हो गया. सुरक्षा ख़तरों को देखते हुए राजधानी दिल्ली में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे. इस साल गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लूला द सिल्वा थे. गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित इस परेड की सलामी राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने ली. इस अवसर पर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी भी मौजूद थे. पुलिस का कहना है कि रविवार को उसने लश्करे तैबा के तीन चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया था. इन गिरफ़्तारियों के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई. दिल्ली में होने वाली इस परेड में सैनिक क्षमता और सांस्कृतिक विविधता की झांकियाँ दिखाई गईं. साथ ही साथ भारत की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करते विभिन्न हथियार भी इस मौक़े पर दिखाए गए. इस दौरान लगभग 23 हज़ार पुलिसकर्मी तैनात थे. गणतंत्र दिवस के दौरान सुरक्षा की देख-रेख कर रहे दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त एस के कैन ने जानकारी दी कि ऐसी गुप्तचर सूचनाएँ मिली थी कि चरमपंथी राजनेताओं और सार्वजनिक स्थलों को निशाना बना सकते हैं. समारोह के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के जवान, दिल्ली पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के कमांडो को भी तैनात किया गया. किसी भी तरह के हवाई हमले से निबटने के लिए भी व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे. |
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